दिल्ली सरकार और एमसीडी ने चांदनी चौक के ऐतिहासिक टाउन हॉल को 'ग्लोबल हेरिटेज सेंटर' बनाने के लिए हाथ मिलाया है। 19वीं सदी की इस इमारत को अब हेरिटेज टूरिज्म के एक बड़े हब के तौर पर विकसित किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने चांदनी चौक के ऐतिहासिक टाउन हॉल को 'ग्लोबल हेरिटेज सेंटर' बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) और एमसीडी के बीच यह समझौता हुआ।

क्या है प्रोजेक्ट का प्लान?

इस प्रोजेक्ट के तहत टाउन हॉल, प्रेस बिल्डिंग और इसके पास वाले पार्क का कायाकल्प किया जाएगा। सरकार का प्लान इस पूरे कॉम्प्लेक्स को म्यूजियम, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और टूरिज्म के एक बड़े हब के रूप में विकसित करने का है।

टाउन हॉल का इतिहास

साल 1860 से 1866 के बीच बना यह ग्रेड-I हेरिटेज कॉम्प्लेक्स करीब 12,180 वर्ग मीटर में फैला है। कई सालों तक यह एमसीडी का मुख्यालय हुआ करता था। साल 2010 में जब एमसीडी का ऑफिस डॉ. एसपी मुखर्जी सिविक सेंटर में शिफ्ट हो गया, तब से इस कॉम्प्लेक्स का एक बड़ा हिस्सा खाली ही पड़ा है।

कैसे होगा काम?

इस प्रोजेक्ट में ऐतिहासिक इमारत के मूल ढांचे और इसकी हेरिटेज पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी, बल्कि इसे नए तरीके से इस्तेमाल के लायक बनाया जाएगा। डीटीटीडीसी (DTTDC) पहले इसका सर्वे करेगा, ढांचे की जांच करेगा और फिर एक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा। आगे चलकर इस प्रोजेक्ट को सरकारी निवेश या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए पूरा किया जा सकता है।

निगरानी और समझौते की शर्तें

डीटीटीडीसी और एमसीडी अधिकारियों का एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा। यह एमओयू शुरुआत में 30 साल के लिए लागू रहेगा और आपसी सहमति से इसे अगले 30 साल के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। टाउन हॉल से जुड़े सभी ऐतिहासिक रिकॉर्ड, कलाकृतियां और पुरानी चीजें एमसीडी के पास ही सुरक्षित रहेंगी।

हेरिटेज टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि टाउन हॉल दिल्ली के इतिहास का एक बेहद अहम हिस्सा है। इसके रिनोवेशन से पुरानी दिल्ली की विरासत को मॉडर्न टूरिज्म और आज की युवा पीढ़ी से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से चांदनी चौक में हेरिटेज टूरिज्म को काफी बढ़ावा मिलेगा। इससे यह ऐतिहासिक जगह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए और भी ज्यादा आकर्षक और सुलभ बन जाएगी।

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