CJP Protest Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) के 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है। 23,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बीच होटलों और गेस्ट हाउस में ठहरने वालों की जांच की जा रही है।
Delhi Police Security Alert: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस होटल, गेस्ट हाउस और हॉस्टल में जांच कर रही है। इस दौरान ठहरने वाले लोगों से उनकी यात्रा और रुकने की अवधि के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में करीब 23,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की योजना है। पुलिस की यह कार्रवाई प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर की जा रही है।
होटलों और गेस्ट हाउस में पुलिस की सघन जांच
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, टीमें होटल परिसरों में जाकर प्रबंधन के रजिस्टर और मेहमानों की जानकारी की जांच कर रही हैं। खास तौर पर 8 से 11 अक्टूबर के बीच ठहरने वाले 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों से यात्रा का उद्देश्य पूछा जा रहा है।
रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि अगर होटल के रिकॉर्ड में कोई विसंगति मिलती है, तो पुलिस मेहमानों, होटल कर्मचारियों या कमरा बुक कराने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर सकती है।
स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच भी सक्रिय
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच CJP की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। अधिकारियों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी और पार्टी संस्थापक अभिजीत डिपके के ठहरने के स्थान का पता लगाने को लेकर भी टीमों की जिम्मेदारी का जिक्र किया है।
इसके अलावा, पुलिस बस ऑपरेटरों के संपर्क में है और रेलवे स्टेशन तथा हवाई अड्डों पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि राजधानी में लोगों की संगठित आवाजाही से संबंधित जानकारी स्थानीय पुलिस तक पहुंच सके।
SIR के खिलाफ CJP क्यों कर रही है प्रदर्शन?
CJP संस्थापक अभिजीत डिपके ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ लोगों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने ऐसे लोगों का मुद्दा उठाया है, जिन्हें कथित तौर पर आधार और पैन कार्ड होने के बावजूद मतदाता रिकॉर्ड में मृत दिखाया गया।
डिपके ने आरोप लगाया है कि भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर विपक्षी मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास कर रहे हैं। ये उनके आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की है। पार्टी संस्थापक का कहना है कि गिरफ्तारी या अन्य बाधाओं के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति और प्रशासन की ओर से लगाई गई शर्तों की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
फिलहाल, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी बढ़ी हुई है। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्रमुख चुनौती होगी।
