
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि दिल्ली में 100 ऑक्सीजन पार्क बनाए जाएंगे। यह ऐलान सरकार के उस बड़े वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत के मौके पर किया गया, जिसका मकसद दिल्ली में हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण से लड़ना है।
मुख्यमंत्री ने 10 ऑक्सीजन पार्कों की नींव भी रखी और बताया कि राजधानी में 18 ऐसे पार्कों पर काम पहले से ही चल रहा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार यह योजना गुजरात के सफल ऑक्सीजन पार्क कॉन्सेप्ट से प्रेरणा लेकर बना रही है। इसके तहत सिर्फ देसी प्रजाति के पेड़ लगाकर खास ग्रीन एरिया तैयार किए जाएंगे जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद हों।
ये ऑक्सीजन पार्क आम पार्कों से अलग होंगे। इनमें पीपल, बरगद, जामुन और आम जैसे देसी पेड़ लगाए जाएंगे। ये पेड़ हवा को साफ करने, बायोडायवर्सिटी (जैव विविधता) को बढ़ाने और एक स्वस्थ शहरी माहौल बनाने में बहुत कारगर माने जाते हैं। अधिकारी इन पार्कों को शहर के 'हरे फेफड़े' (ग्रीन लंग्स) के तौर पर देख रहे हैं, जो लोगों को साफ हवा और बेहतर पब्लिक स्पेस देंगे।
रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली का 2026-27 का बजट 'ग्रीन बजट' के तौर पर पेश किया गया था। यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की गंभीरता को दिखाता है। कुल बजट का लगभग 22% हिस्सा पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों के लिए रखा गया है। सरकार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और दूसरी संस्थाओं को भी वित्तीय मदद दे रही है, ताकि वे अपने आस-पास के पार्कों को विकसित कर सकें और पौधारोपण में हिस्सा ले सकें।
रिज क्षेत्र में पंचवटी वन, नक्षत्र वन, बेल वन, ऋतु वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, वामन वृक्ष वन और पुरानी वाटिका जैसे विशेष थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे। pic.twitter.com/DrrSqcB79u
— Amit Shah (@AmitShah) July 7, 2026
इस कार्यक्रम के तहत लगाए जाने वाले हर पेड़ को डिजिटल तरीके से टैग किया जाएगा और ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और यह भी सुनिश्चित होगा कि नए लगाए गए पौधे लंबे समय तक जीवित रहें। इस टेक्नोलॉजी-आधारित तरीके का मकसद जवाबदेही बढ़ाना है। साथ ही, अधिकारी समय-समय पर हर पौधे की सेहत और रखरखाव पर नजर रख सकेंगे।
ऑक्सीजन पार्क कार्यक्रम, सरकार के बड़े अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' का ही हिस्सा है। इस अभियान के तहत दिल्ली सरकार ने शहर भर में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसमें आम लोगों, संस्थाओं और नगर निगम अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी होगी। सरकार के इस विशाल ग्रीन प्रोजेक्ट का मकसद प्रदूषण को कम करना, बायोडायवर्सिटी को बढ़ावा देना और दिल्ली को एक साफ, हरा-भरा और टिकाऊ शहर बनाना है।
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