
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण का लेवल जैसे-जैसे बढ़ रहा है, एमसीडी (MCD) भी एक्शन मोड में आ गई है। वेस्ट जोन के ब्रह्मपुरी और चंचल पार्क इलाके में एमसीडी ने एक जॉइंट चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान प्रदूषण फैला रही तीन फैक्ट्रियों को मौके पर ही सील कर दिया गया। एमसीडी के वेस्ट जोन ने यह कार्रवाई रेवेन्यू डिपार्टमेंट, दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC), बीएसईएस (BSES) और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर की। टीम ने वार्ड नंबर 110 (कुंवर सिंह नगर) और वार्ड नंबर 111 (बापरोला) में यह चेकिंग की।
इस दौरान जॉइंट टीम ने कुल सात जगहों का मुआयना किया, जिनमें छह फैक्ट्रियां और एक गोदाम शामिल था। इनमें से तीन फैक्ट्रियां ऐसी मिलीं जो जमकर प्रदूषण फैला रही थीं। टीम ने बिना देर किए नियमों के तहत तीनों को तुरंत सील कर दिया। सिर्फ सीलिंग ही नहीं, इन फैक्ट्रियों की बिजली भी काट दी गई और उनके मीटर जब्त कर लिए गए। एमसीडी का कहना है कि इस अभियान का सीधा मकसद वेस्ट जोन में प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों की पहचान करना और उन पर सख्त एक्शन लेना है। इसके अलावा, एमसीडी पूरी दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कई और कदम भी उठा रही है। सड़कों की डीप क्लीनिंग से लेकर धूल उड़ने से रोकने के लिए सख्ती बरती जा रही है।
बुधवार (21 अक्टूबर) को एमसीडी ने बताया कि धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सभी 12 जोन में उन सड़कों की डीप क्लीनिंग हो रही है, जहां सबसे ज्यादा धूल उड़ती है। हवा को खराब करने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए ग्राउंड लेवल पर चेकिंग बढ़ा दी गई है, ताकि धूल रोकने के नियमों का सही से पालन हो सके। साथ ही, एमसीडी ने सभी 250 वार्डों में कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (C&D) मलबे को डालने के लिए खास जगहें तय कर दी हैं। इससे अवैध तरीके से मलबा फेंकने पर रोक लगेगी और निगरानी भी आसान होगी। इन जगहों पर धूल न उड़े, इसके लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी बनाकर लागू कर दिया गया है।
एमसीडी के मुताबिक, नए नियमों में मलबे के ढेर से कम से कम तीन मीटर ऊंची दीवारें बनाना शामिल है, ताकि धूल और हवा को रोका जा सके। इसके अलावा, मलबे (खासकर पत्थरों) को पूरी तरह से ढकना या उन पर लगातार पानी छिड़कना जरूरी है। पूरे इलाके में फाइन-नोजल वाले वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम भी लगाए जा रहे हैं। धूल को कंट्रोल करने के लिए एमसीडी ने सड़कों पर 167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन (ASG) भी उतार दिए हैं। इसके अलावा, 20 एंटी-स्मॉग गन एमसीडी की अलग-अलग जगहों जैसे C&D प्रोसेसिंग प्लांट, डंपसाइट और वेस्ट-टू-एनर्जी (WTE) प्लांट पर लगाई गई हैं। वहीं, 20 और एंटी-स्मॉग गन एमसीडी की ऊंची इमारतों पर फिट की गई हैं।
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