
तिरुवनंतपुरम. अगर किसी को लगता है कि वो ट्रैफिक कैमरों की नजरों से बचकर निकल जाएगा, तो यह भ्रम अब दूर कर लीजिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी(AI) के बारे में तो सुना ही होगा? अब कैमरों में भी इसी तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मतलब कि ट्रैफिक रूल्स तोड़कर या एक्सीडेंट करके भागने के बावजूद पुलिस आपका चालान काट देगी या घर से उठा लाएगी।
केरल परिवहन विभाग के 726 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस कैमरों ने 20 अप्रैल से काम करना शुरू कर दिया है। पूरी तरह से ऑटोमेटेड ट्रैफिक एनफोर्समेंट सिस्टम के इम्प्लिमेंटेशन से चेकिंग के दौरान व्हीकल्स को रोकन की जरूरत नहीं होगी।
केरल में स्टेट और नेशनल हाइवेज पर कुल 726 एआई कैमरे लगाए गए हैं। इस बार लापरवाह चालकों के लिए जुर्माना एक बड़ी राशि होगी। इस राजस्व को पुलिस, एक्साइज, मोटर व्हीकल्स और जीएसटी विभागों के बीच विभाजित किया जाएगा। एआई-एनेबल्ड कैमरे तीन कार्य करने में सक्षम होंगे: कैप्चर करना, सबूत जुटाना और निगरानी करना।
726 कैमरों में से 675 का उपयोग ऐसे वाहनों को पकड़ने के लिए किया जाएगा, जो दुर्घटना के बाद रुकते नहीं हैं, बिना हेलमेट के टूव्हीलर चालक और बिना सीटबेल्ट के ड्राइवर। अवैध पार्किंग को पकड़ने के लिए 25 कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा, तेज रफ्तार वालों को पकड़ने के लिए चार फिक्स कैमरे और रेड लाइट जंप करने वालों को पकड़ने के लिए 18 कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इनके कॉर्डिनेशन के लिए 14 जिलों में से प्रत्येक में कंट्रोल रूम्स खोले जाएंगे। ये कैमरे एंबुलेंस और फायर और रेस्क्यू विभाग के ऑटोमोबाइल जैसे इमरजेंसी व्हीकल्स के रास्ते को रोकने वाले मोटर चालकों पर भी नजर रखेंगे।
हालांकि, बड़े पैमाने पर जनता इस बात से अनजान है कि आगे क्या होगा। मोटर व्हीकल्स डिपार्टमेंट (MVD) ने 19 अप्रैल को फेसबुक पर घोषणा की कि फुटेज को लिस्टेड किया जाएगा और जिला स्तर के कंट्रोल रूम्स को भेज दिया जाएगा। इसके बाद विजुअल्स को नेशनल डेटाबेस में भेजा जाएगा। फिर एक ई-चालान जनरेट किया जाएगा। रजिस्टर्ड व्हीकल मालिक को यातायात उल्लंघन के 6 घंटे के भीतर उसके फोन पर मैसेज मिल जाएगा।
MVD ने कहा कि ऐसे चालानों के संबंध में किसी भी शिकायत को संबंधित जिला आरटीओ एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट से संपर्क किया जा सकता है। केरल में इन विजुअल्स को तिरुवनंतपुरम में केल्ट्रोन की मानविला यूनिट में स्थापित डेटा बैंक में स्टोर किया जाएगा।
गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल: 2,000 रुपये।
ओवर स्पीडिंग: 1,500 रुपये
सीट बेल्ट या हेलमेट के बिना ड्राइविंग/राइडिंग: 500 रुपये
बिना रियर-व्यू मिरर वाले वाहन: 200 रुपये
ट्रिपल राइडिंग (बाइक): 2,000 रुपये
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