
गांधीनगर, 09 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात को देश का ग्रोथ इंजन बनाने और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने गुरुवार को उत्तर गुजरात के मेहसाणा में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC)’ श्रृंखला की पहली कॉन्फ्रेंस में राज्य के छह प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों के लिए तैयार क्षेत्रीय आर्थिक मास्टर प्लान (Regional Economic Master Plans) का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के छह मुख्य आर्थिक क्षेत्र — उत्तर गुजरात, कच्छ, मध्य गुजरात, सौराष्ट्र, तटवर्ती सौराष्ट्र और सूरत — के लिए ये मास्टर प्लान तैयार किए गए हैं। ये योजनाएं राज्य के 33 जिलों में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के साथ ही गुजरात की अर्थव्यवस्था को 280 बिलियन डॉलर (FY 2023) से बढ़ाकर 3.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का रोडमैप प्रस्तुत करती हैं।
इन छह क्षेत्रीय मास्टर प्लानों के अंतर्गत 500 से अधिक परियोजनाओं की पहचान की गई है, जिनमें 15 लाख करोड़ रुपए (200 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक) का सार्वजनिक और निजी निवेश प्रस्तावित है। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य की आर्थिक वृद्धि को तेज़ करना और सभी क्षेत्रों में विकास के समान अवसर सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि आर्थिक विकास का लाभ राज्य के युवाओं तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में उद्योगों के सहयोग से रीजनल स्किलिंग सेंटर्स और सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (ग्रीन स्किल्स, ब्लू इकोनॉमी, लॉजिस्टिक्स, एआई एकेडमी आदि) स्थापित किए जाएंगे। इन पहलों से राज्य में लगभग 280 लाख नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है।
इन क्षेत्रीय मास्टर प्लानों में स्थानीय उत्पादन क्षमताओं के अनुरूप भविष्य के क्षेत्रों को लक्ष्य बनाया गया है:
एडवांस मैन्युफैक्चरिंग (Advance Manufacturing)
इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी स्टोरेज, मरीन केमिकल्स, बायोलॉजिक्स, औद्योगिक सिरामिक्स और बायोफ्यूल जैसे उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों पर फोकस रहेगा।
सेवा क्षेत्र (Service Sector)
2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान 51% तक बढ़ाने का लक्ष्य है। जीसीसी, क्लिनिकल रिसर्च, लॉजिस्टिक्स, प्रोडक्ट डिजाइन और BFSI (Banking, Financial Services, Insurance) जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों का सृजन होगा।
पर्यटन (Tourism)
मेडिकल वैल्यू ट्रैवल, हेरिटेज, इको-टूरिज्म, क्रूज़ और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर पर्यटन उद्योग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की योजना है।
ब्लू इकोनॉमी
गुजरात के 2240 किमी लंबे समुद्र तट पर पोर्ट लॉजिस्टिक्स, शिप बिल्डिंग, फिश प्रोसेसिंग, मरीन इनोवेशन और समुद्री पर्यटन में निवेश द्वारा मछुआरा समुदाय को सशक्त बनाया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और टिकाऊ विकास
एग्रो प्रोसेसिंग, डेयरी, एग्रीटेक और उच्च मूल्य उत्पाद जैसे रेडी-टू-ईट फूड्स, न्यूट्रास्युटिकल्स, प्रोटीन सप्लीमेंट्स पर फोकस किया जाएगा।
साथ ही, रिन्यूएबल एनर्जी, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के जरिए सतत विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि विकास योजना के केंद्र में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर है। आने वाले 22 वर्षों में राज्य में कोस्टल रेलवे, हाई-स्पीड इंटरस्टेट रेल कॉरिडोर, सी-लिंक प्रोजेक्ट्स, एयरपोर्ट विस्तार, कार्गो टर्मिनल और कोल्ड चेन नेटवर्क जैसी परियोजनाएँ लागू की जाएंगी।
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2025 को गांधीनगर में गुजरात राज्य इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) का उद्घाटन किया था। GRIT, राज्य में डेटा-आधारित नीति निर्माण और विकास योजनाओं को वैज्ञानिक रूप से तैयार करने के लिए थिंक टैंक के रूप में काम कर रहा है। यह संस्थान विकसित भारत@2047 के विजन को साकार करने में गुजरात को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर पर निवेशकों और उद्यमियों से आह्वान किया कि वे वाइब्रेंट गुजरात की विकास यात्रा में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि राज्य में निजी निवेश के नए अवसर लगातार खुल रहे हैं और गुजरात इन अवसरों को साकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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