
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती में नई तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल ने किसानों के सामने समृद्धि के नए रास्ते खोले हैं। आने वाले समय में कृषि आधारित उद्योग ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक तरक्की के नए अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण, उद्यानिकी और पशुपालन को भी अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल फसल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय दुग्ध उत्पादन और मछली पालन जैसी गतिविधियों से जुड़कर किसान अपनी आमदनी को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अशोकनगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने महोत्सव में मौजूद किसानों से वर्चुअली संवाद भी किया।
‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आज अशोकनगर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में भोपाल से वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम में @BJP4MP के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री @Hkhandelwal1964 जी उपस्थित रहे।
हमारी सरकार किसानों को खेती के लिए बिजली, पानी और सड़क जैसी… pic.twitter.com/mQClmKmxnt— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) August 20, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अशोकनगर के अन्नदाता अपनी मेहनत और नए प्रयोगों के दम पर प्रदेश के दूसरे किसानों के लिए उदाहरण बन रहे हैं। जिले की पहचान सिर्फ कृषि तक सीमित नहीं है। चंदेरी साड़ी ने अशोकनगर के साथ-साथ मध्यप्रदेश को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि अशोकनगर का शरबती गेहूं अपने खास स्वाद के लिए जाना जाता है और इसकी मांग देशभर में बनी हुई है। यह जिले के किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र की क्षमता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी खुशी की बात है कि अब जिले के किसान धनिया और गुलाब जैसी उद्यानिकी फसलों की ओर तेजी से रुचि दिखा रहे हैं।
अशोकनगर में कम बारिश की चुनौती के बावजूद किसानों ने तकनीक का इस्तेमाल कर खेती के नए रास्ते तलाशे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि DRS तकनीक से धान की रोपाई का रकबा बढ़ाया गया है। किसानों ने मौसम और बारिश की चुनौती को मुश्किल मानकर रुकने के बजाय उसे अवसर में बदलने की कोशिश की है। वहीं, फसल विविधीकरण के कारण जिले में चना और मसूर की खेती का रकबा भी बढ़ा है। इससे किसानों के पास अलग-अलग फसलों के जरिए आय बढ़ाने के विकल्प तैयार हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसान, महिला, गरीब और युवा चारों महत्वपूर्ण वर्ग हैं। किसान जब खुशहाल और समृद्ध होता है, तभी पूरा समाज अन्न और धन-धान्य से संपन्न होता है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करने वाले जवान और खेत में मेहनत करने वाले किसान की भूमिका एक जैसी है। दोनों अपने-अपने स्तर पर देश के लिए समर्पित होकर काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान हित में पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ काम कर रही है। इसी सोच के तहत पूरा साल किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
डॉ. यादव ने कहा कि किसान का अर्थ ही स्वावलंबन है। अपने बलबूते पर परिवार के साथ-साथ पूरे समाज के लिए अन्न जुटाने की क्षमता किसान के पास है। इसलिए खेती को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि लाभ का माध्यम बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खेती को अधिक लाभप्रद बनाने के लिए पूरे प्रदेश में बिजली और पानी की व्यवस्था मजबूत करने के साथ खेतों तक सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का काम भी जारी है। किसानों की सुविधा के लिए साल में एक ही बार खाते को क्लियर करने की व्यवस्था की गई है। वहीं, कृषि भूमि के भू-अर्जन की स्थिति में किसानों को चार गुना मुआवजा देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने के लिए अलग-अलग गतिविधियां चल रही हैं। सरकार खेती के साथ पशुपालन को भी किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ माह बाद किसानों को दिन के समय ही पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे सिंचाई से जुड़ी दिक्कतें कम होने और खेती के काम को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि से प्रदेश के भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार आया है। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए पांच, सात और दस हॉर्स पावर के बिजली पंप उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी जा रही है। इन बिजली पंपों के लिए बड़ी राशि की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों के प्रति राज्य सरकार का सहयोग बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार कई सुविधाएं और सौगातें उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य खेती के साथ किसान परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है। सांदीपनि विद्यालय के साथ-साथ प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि किसान परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और विकास का आधार और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में मौजूद किसानों को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने जन्माष्टमी, बलराम जयंती और रक्षाबंधन की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों की यह परंपरा समाज को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने अशोकनगर के किसानों से वर्चुअली संवाद करते हुए कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा।
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