
मध्य प्रदेश के चंबल संभाग में किसानों के लिए सितंबर का पहला सप्ताह खास रहने वाला है। श्योपुर, मुरैना और भिंड में अलग-अलग तारीखों पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस दौरान किसानों को कृषि, सिंचाई, उद्यानिकी और सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेशभर में किसान कल्याण वर्ष के तहत बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य इन आयोजनों के जरिए किसानों तक योजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े अवसरों की जानकारी पहुंचाना है।
चंबल संभाग में बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत श्योपुर से होगी। यहां 2 सितंबर को आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसके बाद 4 सितंबर को मुरैना और 5 सितंबर को भिंड में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित होगा। किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
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राज्य सरकार ने वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। वहीं उद्यानिकी उत्पादन को बढ़ाकर 490 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दुग्ध उत्पादन पर भी फोकस किया जा रहा है। सरकार ने प्रतिदिन 50 लाख लीटर दुग्ध संकलन का लक्ष्य तय किया है। प्रदेश में 5,562 दुग्ध समितियों के माध्यम से हजारों सदस्यों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की योजना है।
पात्र किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत कुल 12 हजार रुपये सालाना सहायता दिए जाने का प्रावधान है। सरकार ने सिंचाई के लिए 5 रुपये में बिजली का स्थायी कनेक्शन देने और 10 हॉर्स पावर तक के बिजली पंप कनेक्शन पर सब्सिडी की व्यवस्था का भी उल्लेख किया है। पीएम कुसुम योजना के तहत 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा कृषि आधारित उद्योगों में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निवेश बढ़ाने के लिए 60 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि देने की योजना है।
चंबल संभाग में होने वाला बलराम कृषि महोत्सव किसानों के लिए सरकारी योजनाओं, नई कृषि संभावनाओं और भविष्य के लक्ष्यों को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।
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