
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि धार जिले में विकसित किया जा रहा पीएम मित्रा पार्क देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा पार्क है। यहां 90 प्रतिशत भूखंडों का आवंटन पहले ही पूरा हो चुका है, जो राज्य सरकार की तेज कार्यप्रणाली और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सदियों से कपास और वस्त्र निर्माण के लिए दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई दिल्ली में आयोजित भारत टेक्स 2026 के दौरान मध्यप्रदेश ने टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर उद्योग में अपनी क्षमता और निवेश के अवसरों को प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने रखा।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2025 को धार जिले को देश के पहले पीएम मित्रा पार्क की सौगात दी थी। भूमि-पूजन के साथ ही यहां 90 प्रतिशत भूखंडों का आवंटन पूरा हो जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार स्थित पीएम मित्रा पार्क के आसपास भी उद्योग लगाने के लिए निवेशकों की ओर से लगातार जमीन की मांग बढ़ रही है। मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, पर्याप्त कच्चे माल की उपलब्धता और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बढ़ती निर्यात क्षमता और रोजगार सृजन की संभावनाओं को अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिल रही है। गारमेंट उद्योग में निवेशकों और उद्यमियों का उत्साह प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत टेक्स 2026 के दौरान टेक्सटाइल क्षेत्र में 1,592 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के लागू होने से करीब 15,700 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के साथ देश और विदेश के उद्योगपतियों तथा वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधियों से भी विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां टेक्सटाइल और अपेरल सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन उपलब्ध है। राज्य में कपास उत्पादन से लेकर धागा निर्माण, गारमेंट निर्माण और मशीनरी तक की सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश जैविक कपास उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। राज्य सरकार केवल कपास उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि 'फॉर्म टू फैशन' का संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में 11,750 करोड़ रुपये का निर्यात हो चुका है। यहां निर्मित उत्पाद अमेरिका, बांग्लादेश, जापान, जर्मनी, वियतनाम, इटली, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र के सैकड़ों उद्योग संचालित हो रहे हैं। राज्य में 43 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं। करीब 2,400 करोड़ रुपये के निवेश के चलते इस क्षेत्र में 3 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि धार के पीएम मित्रा पार्क में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश और लगभग 30 बड़ी कंपनियों का आना प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे कपास उत्पादक किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल, गारमेंट और फुटवियर उद्योग के लिए बनाई गई आकर्षक औद्योगिक नीतियों की वजह से मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। राज्य सरकार उद्योगों को आर्थिक सहायता, भूमि आवंटन, बिजली सुविधा और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कौशल विकास प्रशिक्षण और बेहतर औद्योगिक ढांचे पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। वर्ष 2027 में होने वाली अगली जीआईएस में इससे भी अधिक निवेश आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब तक उद्यमियों को 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तर पर आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब छोटे शहरों में भी तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम में 11,500 करोड़ रुपये के निवेश से नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। रीवा में आईटी पार्क शुरू होने जा रहा है। वहीं ग्वालियर, जबलपुर, सिंगरौली, सतना, कटनी और सागर में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
शिवपुरी को डिफेंस पार्क और गुना को बड़े सीमेंट प्लांट की सौगात मिली है। वर्तमान में प्रदेश में 37 से अधिक इंडस्ट्रियल पार्क संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी मध्यप्रदेश के रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मॉडल की सराहना की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अनावश्यक खर्चों में कटौती करते हुए विकास कार्यों को गति दी है। किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे अपनी जरूरत की बिजली स्वयं तैयार कर सकें। उन्होंने बताया कि किसान अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर रहे हैं, जिसे राज्य सरकार खरीद भी रही है। इसके अलावा नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से जल प्रबंधन को नई दिशा दी जा रही है। साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
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