Bhind Murder Case: मध्य प्रदेश के भिंड में अतर सिंह जाटव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। जांच के मुताबिक दामाद और छोटे भाई पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि कार की EMI और आर्थिक दबाव इस वारदात की वजह बने। मामले की जांच जारी है।

कई बार हत्या की गुत्थियां जितनी उलझी हुई दिखती हैं, उनका सच उतना ही चौंकाने वाला निकलता है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में 45 वर्षीय अतर सिंह जाटव की मौत का मामला भी कुछ ऐसा ही है। शुरुआत में यह घटना संदिग्ध मौत लग रही थी, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ी तो शक की सुई परिवार के दो करीबी लोगों पर जाकर टिक गई। पुलिस का दावा है कि इस हत्या की साजिश किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मृतक के दामाद और छोटे भाई ने मिलकर रची थी।

पुलिया के नीचे मिला शव, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा

पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई की सुबह मौ थाना क्षेत्र में एक पुलिया के नीचे शव मिलने की सूचना मिली। मृतक की पहचान घूमरी गांव निवासी 45 वर्षीय अतर सिंह जाटव के रूप में हुई। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस को सूचना खुद मृतक के दामाद बबलू जाटव ने दी थी।

शुरुआती जांच में गले पर निशान मिलने से गला दबाकर हत्या की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीले पदार्थ का सेवन सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और घटनाक्रम की दोबारा पड़ताल शुरू की।

यह भी पढ़ें: सड़क हादसे में Atiq Ahmed के बेटे अबान अहमद की दर्दनाक मौत। Atiq Ahmed Son Abaan Ahmed Death

पुलिस का दावा- पहले शराब पिलाई, फिर जहर देकर की हत्या

पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात वाले दिन अतर सिंह को उनका दामाद और छोटा भाई ग्वालियर से कार में गांव लेकर आए। रास्ते में उन्हें अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई, जिससे उनकी हालत बेहद कमजोर हो गई।

जांच एजेंसी का आरोप है कि गांव पहुंचने के बाद दामाद ने अतर सिंह का मुंह खुलवाया और छोटे भाई ने जहरीली गोली खिलाकर पानी पिलाया। पुलिस का यह भी दावा है कि इसके बाद गला दबाकर हत्या की गई, ताकि मौत को किसी अन्य कारण का रूप दिया जा सके।

जांच के अनुसार, हत्या के बाद शव को कार की डिग्गी में छिपाकर रखा गया। पुलिस का कहना है कि रात में लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण आरोपी शव नहीं फेंक सके। इसके बाद वे दंदरौआ धाम गए और देर रात शव को पुलिया के नीचे फेंक दिया। अगले दिन दामाद ने स्वयं पुलिस को सूचना देकर संदेह से बचने की कोशिश की।

मोबाइल लोकेशन और पूछताछ से खुली साजिश, पुलिस ने बताई हत्या की वजह

पुलिस के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन की लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई। जांच में घटना के समय दोनों की लोकेशन एक साथ मिली और शव मिलने वाले इलाके में उनकी मौजूदगी भी दर्ज हुई।

पूछताछ के दौरान गांव में दोनों भाइयों के बीच पुराने विवाद की जानकारी भी सामने आई। पुलिस का दावा है कि सख्ती से पूछताछ करने पर दामाद ने पूरी साजिश कबूल कर ली।

जांच अधिकारियों के अनुसार, करीब आठ महीने पहले दामाद ने अपने ससुर के नाम पर ढाई लाख रुपये की सेकेंड हैंड कार खरीदी थी, जिसकी हर महीने लगभग 9 हजार रुपये की EMI भरनी पड़ती थी। पुलिस का आरोप है कि उसे यह गलतफहमी थी कि वाहन मालिक की मृत्यु होने पर बीमा के जरिए लोन की रकम चुक जाएगी। इसी आर्थिक दबाव और EMI से छुटकारा पाने के उद्देश्य से उसने अपने चाचा ससुर विजय सिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर अंतिम निर्णय होगा।

यह भी पढ़ें: UP में उजड़ गया पूरा परिवार! 100 साल पुराना मकान ढहा, 6 की मौत...देखें 8 दिल दहला देने वाली तस्वीरें