
भोपाल: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सतना बेल्ट में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नर्मदा का पानी नहरों के जरिए लाने की योजना पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ये बातें 19 सितंबर को सतना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित करते हुए कहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय 10 घंटे बिजली देने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने और खेती को ज्यादा लाभ का काम बनाने पर है। इसके लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि प्रदेश के किसानों की ओर से पैदा की जाने वाली धान की सरकारी खरीद सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को बढ़ावा देने पर भी सरकार काम करेगी।
सतना क्षेत्र के किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने सिंचाई को लेकर एक और अहम बात कही। उन्होंने बताया कि सतना बेल्ट में सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी लाने का काम किया जाएगा। नहरों के जरिए सिंचाई का दायरा बढ़ाने की कोशिश होगी, जिससे ज्यादा क्षेत्र को पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के जरिए मंदाकिनी नदी में भी पानी पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे क्षेत्र में सिंचाई की सुविधाओं को बढ़ाने और खेती के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने सतना की खेती की क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां हल्दी का उत्पादन काफी मात्रा में होता है। ऐसे में किसानों को मसाला फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका मकसद किसानों को सिर्फ एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग फसलों से कमाई के मौके देना है। खेती के साथ दूसरी गतिविधियों को जोड़कर किसानों की आय के नए रास्ते बनाने पर भी जोर दिया गया।
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने सतना के ग्राम सोहावल के किसान शांतिनारायण पांडे से बातचीत की। पांडे ने मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करने और उसके संचालन के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना की और दूसरे किसानों से भी खेती के साथ पशुपालन और दुग्ध कारोबार से जुड़ने की अपील की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने ग्राम झरी मझगांव के किसान अनिल उपाध्याय से भी संवाद किया। उपाध्याय जैविक खेती के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जैविक और प्राकृतिक खेती से ज्यादा किसानों को जोड़ने पर जोर दिया।
सतना में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र, मझगवां के वैज्ञानिकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने खेती से जुड़ी कई जानकारियां दीं। इनमें कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि अभियांत्रिकी और सहकारिता से जुड़ी योजनाएं शामिल रहीं। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक खेती, नई कृषि तकनीकों और अलग-अलग सरकारी योजनाओं से जुड़ी सामग्री भी दी गई। महोत्सव के जरिए किसानों को खेती के साथ पशुपालन, उद्यानिकी और दूसरी गतिविधियों को अपनाकर कमाई के अलग-अलग साधन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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