
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे का तीसरा दिन मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को सामने रखने के लिहाज से बेहद अहम रहा। 8 सितंबर को मुख्यमंत्री ने निवेश प्रोत्साहन से लेकर औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीक और सतत विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
दिनभर मुख्यमंत्री की ग्लोबल निवेशकों और उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें हुईं। इसके अलावा शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ चर्चा, बीईईएएच की सस्टेनेबिलिटी सुविधाओं का दौरा, एमार समूह की लीडरशिप से मुलाकात और मीडिया संवाद भी हुआ। दिन का प्रमुख कार्यक्रम 'इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : इंटरैक्टिव सेशन' रहा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
दुबई में आयोजित AIM Congress 2026 के दौरान मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को AIM Investment Awards 2026 में 'Winner Asia' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान निवेश संवर्धन, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने, रोजगार निर्माण, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया गया है। यूएई के विदेश व्यापार मंत्री और AIM Congress के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयौदी ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
दुबई दौरे के तीसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और बड़े औद्योगिक समूहों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं। इन बैठकों में मध्यप्रदेश के अलग-अलग सेक्टर में मौजूद निवेश अवसरों को विस्तार से रखा गया और संभावित निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इन बैठकों में राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल, वीएफएस ग्लोबल और एनआईडीआई सर्विसेज/एससीएनईएलएलएलएलसी-एफजेड के प्रतिनिधि शामिल रहे।
राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ मुख्यमंत्री की बातचीत में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहा। कंपनी ने मध्यप्रदेश में करीब 2,000 मेगावॉट का सोलर एनर्जी पोर्टफोलियो विकसित करने में रुचि दिखाई है। इसके साथ ही 200 मेगावॉट क्षमता के ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 50 मेगावॉट क्षमता के AI एवं कंप्यूट डेटा सेंटर और 30,000 एमटीपीए क्षमता वाले क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स की योजना पर भी चर्चा हुई।
डेटा सेंटर को भविष्य में 200 मेगावॉट तक बढ़ाने की संभावना बताई गई है। इसके अलावा एक इंटीग्रेटेड स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया। इन सभी प्रस्तावित परियोजनाओं में करीब 35,200 करोड़ रुपये यानी लगभग 4 अरब डॉलर के निवेश की संभावना जताई गई है। इससे मध्यप्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी, ऊर्जा संक्रमण, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बढ़ावा मिल सकता है।
मुख्यमंत्री ने एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी-एससीएनईएलएलके इन्वेस्टर्स के प्रतिनिधियों के साथ औद्योगिक स्तर के AI कंप्यूट कैंपस और Sovereign AI Factory परियोजना को लेकर भी चर्चा की। कंपनी ने करीब 50 मेगावॉट क्षमता वाली AI फैक्ट्री के लिए 1.5 से 2 अरब डॉलर, यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के संभावित निवेश का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया। भविष्य में इस परियोजना को 100 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता तक बढ़ाने की संभावना भी बताई गई है। वहीं, जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ बैठक में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के K-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक शिक्षा परिसरों की स्थापना पर बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने यूएई के विशेष दूत बद्र जाफर और क्रेसेंट ग्रुप की लीडरशिप के साथ रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, स्टार्टअप निवेश, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और दीर्घकालिक निवेश साझेदारी पर विचार किया। प्योर हेल्थ के प्रतिनिधियों के साथ मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन, मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
शराफ ग्रुप के साथ मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन और सप्लाई चेन नेटवर्क के अलावा पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तलाशीं गईं। चोइथराम्स के साथ खाद्य प्रसंस्करण, रिटेल, कृषि उत्पादों की खरीद और वितरण नेटवर्क के विस्तार तथा कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बातचीत हुई।
डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिज़वान सूमार के साथ मुख्यमंत्री की बैठक में पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कॉम्पोजिट हब को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, एक्सपोर्ट प्रमोशन और मध्यप्रदेश को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के मुद्दे भी बैठक के केंद्र में रहे। ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, तकनीक और ग्रीन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में लंबे समय के निवेश और इक्विटी पार्टनरशिप की संभावनाओं पर विचार हुआ। वेस्ट ज़ोन के प्रतिनिधियों के साथ रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट में निवेश तथा मध्यप्रदेश के उत्पादों को यूएई के बाजार में पहुंचाने और बेचने की रणनीति पर बातचीत हुई।
केजीके ग्रुप के साथ मध्यप्रदेश में डायमंड प्रोसेसिंग, जेम्स एंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, स्किल डेवलपमेंट और एक्सपोर्ट आधारित यूनिट स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। विस्टास मीडिया कैपिटल के साथ फिल्म, AVGC, एनीमेशन, VFX, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हब विकसित करने की संभावनाओं को लेकर बातचीत हुई। वहीं, वीएफएस ग्लोबल के साथ भोपाल और इंदौर में वीजा सेवाओं के विस्तार तथा पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक की। दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडलों ने मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक में टेक्नोलॉजी, SME सहयोग, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशीं गईं। मुख्यमंत्री ने शारजाह के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया और जनवरी 2027 में होने वाली GIS-2027 में शामिल होने का न्योता दिया। इसके बाद चैंबर और IBPC प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा भी हुई।
मुख्यमंत्री ने शारजाह में बीईईएएच के मुख्यालय और उसकी आधुनिक सस्टेनेबिलिटी सुविधाओं का जायजा लिया। बीईईएएच के सीईओ एवं वाइस चेयरमैन खालिद अलहुरैमल के साथ बैठक में वेस्ट-टू-एनर्जी, इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी, स्मार्ट सिटी और ग्रीन एनर्जी से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इंदौर मॉडल को आधार बनाकर सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने बीईईएएच को मध्यप्रदेश की शहरी स्वच्छता और ऊर्जा परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। साथ ही GIS-2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद अलाब्बार से भी मुलाकात की। बातचीत के दौरान इंदौर में एमार कॉन्टिनेंटल सिटी परियोजना का उल्लेख हुआ और मध्यप्रदेश में एमार के योगदान की सराहना की गई। मुख्यमंत्री ने एमार समूह को इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर समेत प्रदेश में इंटीग्रेटेड मिक्स्ड-यूज अर्बन प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी और आधुनिक शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने एमार के संस्थापक और एमडी को GIS-2027 में विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री ने डाउनटाउन दुबई, बुर्ज खलीफा और दुबई मॉल समेत आसपास के इंटीग्रेटेड अर्बन डेवलपमेंट मॉडल का भी अवलोकन किया। इस दौरान आधुनिक टाउन प्लानिंग और डेस्टिनेशन डेवलपमेंट की अवधारणाओं की जानकारी ली गई।
ताज दुबई में हुए मीडिया संवाद में मुख्यमंत्री ने अपने दुबई दौरे की उपलब्धियों और यूएई के निवेशकों की मध्यप्रदेश में बढ़ती रुचि पर बात की। उन्होंने कहा कि निवेश की आसान प्रक्रिया, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्याप्त भूमि, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सरकार की नीतिगत मदद प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक बना रही है।
इसके बाद आयोजित 'इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : इंटरैक्टिव सेशन' में यूएई के उद्योगपति, निवेशक, व्यापारिक संगठन, IBPC, CII UAE और प्रवासी भारतीय उद्यमियों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई ने इस दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। कार्यक्रम में यूएई के विशेष दूत बद्र जाफर ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दुबई ने जिस तरह मेहनत और दूरदृष्टि के दम पर वैश्विक पहचान बनाई है, उसी तरह मध्यप्रदेश भी अपनी संभावनाओं को बड़े अवसरों में बदलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की आर्थिक विकास दर 11 प्रतिशत से अधिक है और राज्य देश के प्रमुख विकास इंजनों में अपनी जगह बना रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 30 प्रतिशत से अधिक प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने निवेशकों के सामने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, IT, AI, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मौजूद अवसरों को रखा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लैंड बैंक, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, 8 एक्टिव एयरपोर्ट, निवेश-अनुकूल नीतियों और सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी निवेशकों से जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि 'मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत हृदय से करेगा।'
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