MP की बदलती तस्वीर दुनिया के सामने, World Leaders Forum में CM मोहन यादव ने बताया मध्यप्रदेश का विजन

Published : Aug 22, 2026, 03:06 PM IST
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सार

CM मोहन यादव ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 में MP का विकास रोडमैप पेश किया। प्रदेश में निवेश, औद्योगिक क्लस्टर, ग्रीन एनर्जी व इंफ्रा पर जोर है। 10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के साथ व्यापार सुगमता हेतु कई कानून खत्म किए गए।

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2026 में मध्य प्रदेश के विकास, निवेश की संभावनाओं और भविष्य की आर्थिक रणनीति को लेकर सरकार का रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी राज्यों ने विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का लक्ष्य तय किया है। मध्य प्रदेश भी अपनी प्राकृतिक और औद्योगिक क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है।

फोरम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए गए अनुकूल माहौल, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, औद्योगिक क्लस्टर, ऊर्जा क्षेत्र, ग्रीन एनर्जी, निर्यात, मेडिकल शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में करीब 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर आए हैं, जबकि कई स्थानों पर औद्योगिक इकाइयों ने काम भी शुरू कर दिया है।

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मॉडल को देशभर में मिली सराहना

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान लंबे समय से कृषि प्रधान राज्य के रूप में रही है, लेकिन सरकार ने प्रदेश की प्राकृतिक और आर्थिक क्षमताओं को पहचानकर औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया है। इसी दिशा में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले संभाग और जिला स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए।
  • उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के इस मॉडल को देश के दूसरे राज्यों से भी सराहना मिली है और कई राज्यों ने इसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सरकार ने उद्योग और निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए कई गैर-जरूरी कानूनों और प्रक्रियाओं को समाप्त किया है।

2700 से ज्यादा गैर-जरूरी सर्कुलर किए खत्म

  • सीएम ने बताया कि प्रदेश में निवेश को आसान बनाने के लिए जन विश्वास अधिनियम लागू किया गया है। इसके साथ ही 900 से ज्यादा गैर-जरूरी कानूनों को समाप्त किया गया और 2700 से अधिक अनावश्यक सर्कुलर खत्म किए गए हैं।
  • उन्होंने कहा कि इन सुधारों से मध्य प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का माहौल मजबूत हुआ है। सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दावोस समिट के दौरान जिन निवेशकों ने भूमि आवंटन में रुचि दिखाई थी, उनमें से कई परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी हो चुका है।
  • उन्होंने कहा कि सरकार ने निवेशकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए निवेश प्रोत्साहन सब्सिडी भी डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई है। इससे सरकार और निवेशकों के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है।

अलग-अलग क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्लस्टर

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश के पास औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त लैंड बैंक, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत और क्षमता के आधार पर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की रणनीति अपनाई है।
  • मालवा क्षेत्र में कॉटन उत्पादन को देखते हुए गारमेंट सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीधी और सिंगरौली जैसे खनिज संपदा वाले क्षेत्रों में कोल आधारित ऊर्जा परियोजनाओं पर काम हो रहा है। शहडोल में टीएमटी सरिया निर्माण का प्लांट करीब डेढ़ साल में तैयार किया गया है।
  • वहीं नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े औद्योगिक पार्क का विकास किया जा रहा है। ग्वालियर क्षेत्र में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने की दिशा में काम जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए केंद्र सरकार के साथ एमओयू किया गया है।

डिफेंस कॉरिडोर और बड़े निवेश पर सरकार का फोकस

  • मुख्यमंत्री ने बताया कि झांसी से लगे मध्य प्रदेश के क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। हाल ही में करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली अदाणी समूह की एक इकाई का भूमि-पूजन भी किया गया है।
  • उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, फूड प्रोसेसिंग और ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 24 नीतियां लागू की हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें निवेशक आसानी से अपना कारोबार शुरू कर सकें और उद्योग अपने पैरों पर मजबूती से खड़े हो सकें।

धरातल पर उतर रहे हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

  • डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए दिल्ली में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुंबई में भी लगभग इसी स्तर पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
  • उन्होंने कहा कि दोनों शहरों में आयोजित निवेश सम्मेलनों के बाद टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के भूमि-पूजन से पहले ही करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं। राज्य सरकार निवेशकों को विकसित प्लॉट भी अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर उपलब्ध करा रही है।

ग्रीन एनर्जी का हिस्सा 30 से बढ़ाकर 50 फीसदी करने का लक्ष्य

  • ऊर्जा क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में फिलहाल करीब 31 गीगावाट की ऊर्जा क्षमता है, जिसमें ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी लगभग 30 फीसदी है। सरकार इसे बढ़ाकर 50 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
  • इसके लिए पंप स्टोरेज, सोलर और विंड एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों के प्लांट प्रदेश में मौजूद हैं और मध्य प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हीरे का उत्पादन भी होता है।

पांच नए एयरपोर्ट तैयार, 5 और विकसित करने की तैयारी

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में मध्य प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए हैं। इसके अलावा पांच और नए एयरपोर्ट विकसित करने के लिए एमओयू साइन किया जा चुका है।
  • उन्होंने बताया कि प्रदेश के 55 में से 37 जिलों से निर्यात हो रहा है। मध्य प्रदेश से करीब 88 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है।

हर जिले के संतुलित विकास पर सरकार का जोर

  • डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के लिहाज से राजस्थान के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों की अपनी विशेषताएं और आर्थिक संभावनाएं हैं। सरकार की कोशिश है कि विकास का लाभ केवल कुछ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के हर क्षेत्र और जिले तक पहुंचे।
  • उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की क्षमता के हिसाब से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

राज्यों के बीच सहयोग से विकास को मिलेगी नई गति

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े निवेशकों को मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने राजस्थान के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना को राज्यों के बीच सहयोग का उदाहरण बताया।
  • उन्होंने कहा कि यदि सभी राज्य इसी तरह आपसी समन्वय के साथ काम करें तो देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

2047 तक प्रति व्यक्ति आय 22.50 लाख रुपये करने का लक्ष्य

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक प्रति व्यक्ति आय को 22.50 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.67 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
  • उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक आजादी के बाद वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 39 हो गई है। उनके कार्यकाल में ही 15 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं।
  • उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में तीन शासकीय विश्वविद्यालय भी शुरू किए गए हैं। वर्तमान में मध्य प्रदेश में 52 निजी विश्वविद्यालयों समेत कुल 73 विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं।
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योग, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे।

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