International Yoga Day 2026: PM मोदी के प्रयासों से योग बना विश्व की नई पहचान, दुनिया में भारत का बढ़ता सम्मान

Published : Jun 21, 2026, 09:09 AM IST
yoga day 2026 pm modi 12 years leadership

सार

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग की वैश्विक लोकप्रियता और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान पर जोर दिया गया।

आज पूरी दुनिया में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। योग केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का प्रभावी माध्यम भी है। इसके साथ ही योग विश्वभर में शांति, सद्भाव और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भारत के लिए यह विशेष अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने के साथ ही 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन भी हो रहा है। यह संयोग भारत की उस वैश्विक भूमिका को दर्शाता है, जिसमें उसने अपनी सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से पूरी दुनिया को जोड़ने का कार्य किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को मिली वैश्विक पहचान

भारत ने हमेशा अपने ज्ञान, संस्कृति और जीवन मूल्यों के जरिए विश्व समुदाय को एकजुट करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। योग के माध्यम से विश्व समुदाय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन परंपराओं और जीवन-दर्शन से परिचित हुआ है। साथ ही, स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने का संदेश भी वैश्विक स्तर पर पहुंचा है।

योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि योग भारतीय संस्कृति की एक अनमोल धरोहर है। हजारों वर्षों से योग मानव जीवन को स्वस्थ और अनुशासित बनाने का माध्यम रहा है। योग केवल शरीर को फिट रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास का भी आधार है। यही कारण है कि आज योग को पूरी दुनिया में स्वीकार्यता प्राप्त हो रही है।

महर्षि पतंजलि का अष्टांग योग: समग्र विकास का मार्ग

महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित अष्टांग योग की अवधारणा मानव जीवन के समग्र विकास पर आधारित है। इसमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया गया है। योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से शांत और आत्मिक रूप से सशक्त बनाता है। इसके माध्यम से जीवन में सकारात्मकता, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है।

 

 

नियमित योग से स्वस्थ और संतुलित जीवन संभव

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में संतुलन बना रहता है। योग व्यक्ति को न केवल रोगों से बचाने में मदद करता है, बल्कि उसे अधिक ऊर्जावान और आनंदमय जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सुखी और सकारात्मक समाज के निर्माण में योगदान दें।

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

योग दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खास संदेश, जानिए मध्यप्रदेश कैसे बनने जा रहा है योग और सभ्यता का ग्लोबल लीडर
इंदौर से उज्जैन 60 मिनट में पहुंचेंगे: बन रहा ऐसा कॉरिडोर, बदल देगा दोनों शहरों की तस्वीर