
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब निवेश, उद्योग और रोजगार के नए केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश सरकार का फोकस सिर्फ बड़े शहरों तक उद्योगों को सीमित रखने का नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र और जिले की स्थानीय क्षमता को पहचानकर उसे निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसरों में बदलने का है।
दुबई यात्रा के पहले दिन मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक ताकत, निवेश की संभावनाओं और सरकार की नई नीतियों का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और साइंस सिटी जैसे नए क्षेत्रों तक मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की दृष्टि से लगभग हर क्षेत्र में बड़े अवसर मौजूद हैं। सरकार ने निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार किया है, ताकि नए उद्योग लगाने और कारोबार को विस्तार देने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश की स्थानीय ताकत को पहचानना और उसे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना है। जहां कृषि और खाद्य उत्पादन की क्षमता है, वहां फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में तकनीकी और औद्योगिक संभावनाएं हैं, वहां नए उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की सोच साफ है- प्रदेश की क्षमता को निवेश से जोड़ना है और निवेश के जरिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार को आसान बनाने के लिए जो सुधार किए गए हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कई अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया है और 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतिगत सुधारों का असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीतियों के कारण बड़े उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी आई है और निवेशकों के लिए कारोबारी माहौल पहले से अधिक अनुकूल हुआ है। सरकार सिर्फ निवेशकों को आमंत्रित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग स्थापित करने और उनके संचालन के लिए जरूरी सुविधाओं पर भी काम कर रही है।
मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर की भूमिका को अहम बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग इस क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योग न सिर्फ उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार भी तैयार कर रहे हैं। राज्य सरकार की व्यापार हितैषी नीतियों का उद्देश्य केवल बड़े निवेशकों को आकर्षित करना नहीं है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और MSME को भी आगे बढ़ने का अवसर देना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शासकीय सेवाओं में नई भर्तियों की दिशा में भी काम कर रही है। वहीं, उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में मध्यप्रदेश लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उत्पादन के साथ-साथ निर्यात के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2026-27 में प्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास प्रदेश के उत्पादों और उद्योगों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का है। निवेशकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिससे उद्योग लगाने के साथ-साथ उन्हें संचालित करना भी आसान हो सके। सरकार की कोशिश है कि स्थानीय उद्योगों को विस्तार मिले और प्रदेश के उत्पाद राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मजबूत पहचान बनाएं।
भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने AI, डेटा, ड्रोन और डिफेंस जैसे नए और उभरते क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में तीन नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ये IT पार्क रीवा, इंदौर और उज्जैन में बन रहे हैं। इनके तैयार होने से तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्टार्टअप के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। इसका सीधा फायदा युवाओं को रोजगार के रूप में मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा, इंदौर और उज्जैन में विकसित किए जा रहे नए IT पार्क प्रदेश के तकनीकी क्षेत्र को मजबूत करेंगे। इन पार्कों के जरिए नई कंपनियों, स्टार्टअप और तकनीक आधारित उद्योगों को बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि केवल पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर रहने के बजाय नई तकनीक से जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देना जरूरी है। AI और डेटा सेक्टर के विस्तार से युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार भी तैयार होंगे।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में साइंस सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। यह पहल विज्ञान, तकनीक, नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उद्योगों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं। इसलिए युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक कौशल से जोड़ना जरूरी है। साइंस सिटी और तकनीकी संस्थानों के जरिए इस दिशा में बेहतर माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
उद्योगों की स्थापना के लिए जरूरी बुनियादी संसाधनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की स्थिति इस मामले में काफी मजबूत है। प्रदेश के पास पर्याप्त लैंड बैंक और भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा सरप्लस बिजली और पर्याप्त जल संसाधन भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योगों के लिए भूमि, बिजली और पानी के साथ जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होना निवेश के लिए बड़ा आधार है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया की सबसे सस्ती बिजली बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सस्ती बिजली, ग्रीन एनर्जी, पर्याप्त भूमि और जल संसाधनों का संयोजन प्रदेश को निवेश के लिहाज से मजबूत बनाता है। उद्योगों को केवल जमीन उपलब्ध कराना काफी नहीं होता। उन्हें बिजली, पानी, बेहतर सड़क और परिवहन जैसी सुविधाओं की भी जरूरत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश इन सभी क्षेत्रों में अपनी क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। यही वजह है कि प्रदेश निवेशकों के लिए दूसरे राज्यों को कड़ी प्रतिस्पर्धा देने की स्थिति में है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार सिर्फ नई नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है। निवेशकों को नीतियों के तहत मिलने वाले लाभ प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापार हितैषी नीतियों के साथ निवेशकों के लिए जरूरी सुविधाओं और अनुकूल वातावरण का निर्माण किया है। इसका परिणाम यह है कि निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और प्रदेश में बड़े उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, Ease of Doing Business के लिए किए गए सुधारों को जमीन पर लागू करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के नए अवसर तैयार किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक विकास को केवल भोपाल, इंदौर या दूसरे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखना है। अब सरकार का फोकस जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने पर है। प्रदेश के हर क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय संभावनाओं की पहचान की जा रही है। इसके बाद उन्हें उद्योग और निवेश से जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि निवेश के साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के तहत प्रदेश में शिक्षा को अधिक रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ इस सेक्टर में निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। सरकार का मानना है कि औद्योगिक विकास के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों का मजबूत होना भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश और पर्यटन दोनों के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। प्रदेश में चार और नए एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी की जा रही है। ग्वालियर और जबलपुर भी एयर कनेक्टिविटी के लिहाज से तैयार हैं और भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की संभावनाओं पर काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने से मध्यप्रदेश देश और दुनिया से तेजी से जुड़ रहा है। इसका सीधा फायदा उद्योग, व्यापार, निवेश और पर्यटन को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब सिर्फ औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में करीब 14 करोड़ बाहरी पर्यटकों का आगमन हुआ है। पर्यटन के विस्तार का असर कई दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है। होटल, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग और सेवा क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, IT, AI, डेटा, ड्रोन, डिफेंस और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश के पास पर्याप्त भूमि, बिजली, पानी, ग्रीन एनर्जी, लैंड बैंक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से मजबूत हो रही एयर कनेक्टिविटी जैसी कई ताकतें हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के जरिए ऐसा निवेश इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश की है, जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है—प्रदेश की क्षमता को निवेश में, निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार में बदलना।
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