
मध्य प्रदेश में फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर में बड़े निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी से मुलाकात कर प्रदेश में कंपनी के विस्तार और नई परियोजनाओं पर चर्चा की। बैठक में खास तौर पर पीथमपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए जमीन, आधारभूत सुविधाओं, विभिन्न अनुमतियों, निवेश प्रोत्साहन और बड़े सौर ऊर्जा प्रकल्प के लिए भूमि चिन्हांकन जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।
सन फार्मा ने पीथमपुर के सेक्टर-7 में करीब ₹3,000 करोड़ के निवेश से ग्रीनफील्ड परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना के तहत भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए दवा फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के पूरा होने पर 1,750 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इनमें करीब 1,250 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे।
बैठक में पीथमपुर सेक्टर-7 की प्रस्तावित परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और स्थानीय स्तर पर आने वाली अड़चनों के समाधान पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के लिए दिसंबर 2026 तक पानी, बिजली और सड़क जैसी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा प्लॉट हस्तांतरण और पुनःपंजीकरण शुल्क में छूट, कंपनी के नाम को एसपीएलएल से एसपीआईएल करने के लिए सीसीआईपी में आवश्यक संशोधन और परियोजना से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं को सुगम बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सन फार्मा की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बैठक में एक बड़े सौर ऊर्जा प्रकल्प की संभावना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसके लिए उपयुक्त जमीन की पहचान और आवंटन में राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। सौर परियोजना के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुमतियों और प्रोत्साहन को समय पर उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं और मंजूरियां तय समय में उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान सन फार्मा के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी ने रतलाम में प्रस्तावित फार्मा पार्क को लेकर भी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि यदि रतलाम में फार्मा पार्क स्थापित होता है तो सन फार्मा समूह वहां निवेश की संभावनाओं पर विचार कर सकता है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उच्च मूल्यवर्धित उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज एक भारतीय बहुराष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल कंपनी है। कंपनी का कारोबार ₹54,543 करोड़ बताया गया है। कंपनी 100 से अधिक देशों में ड्रग फॉर्मुलेशन और API का निर्माण करती है और छह महाद्वीपों में 40 से ज्यादा विनिर्माण सुविधाओं का संचालन कर रही है। मध्य प्रदेश से भी सन फार्मा का पुराना संबंध है। कंपनी ने 1984 में देवास में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया था। प्रदेश में स्थित कंपनी के फॉर्मुलेशन और API संयंत्रों में करीब 3,958 कर्मचारी कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए जमीन, बिजली, पानी, सड़क, ऊर्जा और आवश्यक अनुमतियों जैसी सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने उद्योग जगत को मध्य प्रदेश में नए निवेश और विस्तार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारना है। पीथमपुर की प्रस्तावित परियोजना और रतलाम फार्मा पार्क में संभावित निवेश को इसी दिशा में महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
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