Madhya Pardesh Flood Crisis: बाढ़ ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, सुबह पीड़ितों से मिले CM मोहन यादव

Published : Aug 30, 2026, 12:34 PM IST
CM dr Mohan Yadav

सार

मध्यप्रदेश के चित्रकूट में अतिवृष्टि से सेमरावल और मंदाकिनी नदी में बाढ़ आई। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव रात में रीवा पहुंचे और सुबह पीड़ितों से मिलकर राहत सामग्री बांटी।

मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। चित्रकूट में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालात का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद 30 अगस्त की सुबह मुख्यमंत्री चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।

MP Flood: रात में ही सीएम मोहन यादव ने की बाढ़ की समीक्षा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा पहुंचने के बाद रात में ही अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में उन्होंने प्रदेश में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने और लोगों तक तत्काल जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की स्थिति जानी। साथ ही निर्देश दिया कि प्रभावित नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन हर स्थिति के लिए तैयार रहे।

Chitrakoot Flood: सुबह बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे CM यादव

रात में बाढ़ की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह होते ही चित्रकूट पहुंच गए। उन्होंने चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल का दौरा किया। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को जाना। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आश्रय स्थल पर मौजूद लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

अतिवृष्टि से सेमरावल और मंदाकिनी नदी में बढ़ा जलस्तर

चित्रकूट में हुई भारी बारिश के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। नदी का पानी आसपास के कई इलाकों में पहुंच गया और लोगों के घरों में भी पानी भर गया। अचानक आई बाढ़ की वजह से लोगों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि प्रशासन की सतर्कता और राहत-बचाव व्यवस्था के चलते अब तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

Flood Relief: भोजन, पानी और चिकित्सा व्यवस्था के निर्देश

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा है, जिससे चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति बनी है। कई स्थानों पर लोगों के घरों में पानी भरने से सामान को नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और दूसरी जरूरी सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए।

MP Flood News: नुकसान का कराया जाएगा सर्वे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में प्रशासन के संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है और इसका विधिवत सर्वे कराया जाएगा। जिन परिवारों के घर, सामान या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उनके नुकसान का आंकलन किया जाएगा।

Flood Relief Update: पशुहानि पर भी मिलेगी आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री के साथ सूखा राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है, उनके नुकसान का भी सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार पात्र लोगों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का फिलहाल पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर है, ताकि प्रभावित नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थिति में पहुंचाया जा सके।

CM Mohan Yadav: सतर्कता से टली जनहानि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राहत की बात यह रही कि घटना के समय दिन था और मौसम के पूर्वानुमान के कारण प्रशासन पहले से अलर्ट था। प्रशासन की सतर्कता और तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाढ़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जलस्तर कम होने के बाद लोगों को सुरक्षित तरीके से उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित नागरिकों को भोजन, पेयजल, चिकित्सा और दूसरी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलती रहें, यह सुनिश्चित किया जाए।

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