मध्यप्रदेश: पर्यटन का नया केंद्र, अनदेखी कहानियां | जानिए राज़

Published : Feb 28, 2025, 12:44 PM ISTUpdated : Feb 28, 2025, 01:18 PM IST
mohan yavad

सार

मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के लिए पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन रहा है। सरकार की नई नीतियों से पर्यटन में निवेश बढ़ा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिंदुस्तान के दिल मध्यप्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहाँ के घने जंगल, दुर्लभ वन्य जीव, ऐतिहासिक किले, प्राचीन मंदिर और जीवंत संस्कृति हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण न केवल पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ा है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वयं बता चुके हैं कि मध्यप्रदेश को एक विदेशी मैग्जीन ने दुनिया की श्रेष्ठ टूरिज्म डेस्टिनेशन में से एक माना है। राज्य सरकार की योजनाओं से राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षण मिल रहा है। साथ ही इससे प्रदेश वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है।

राज्य में 24 वन्यजीव अभयारण्य, 12 राष्ट्रीय उद्यान, 9 टाइगर रिज़र्व और 14 विश्व धरोहर स्थल स्थित हैं, जो इसे भारत के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले राज्यों में शामिल करते हैं। इसके अलावा, 12 ज्योतिर्लिंगो में एक मात्र उज्जैन का दक्षिणमुखी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था के केंद्र हैं।

टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया है कि राज्य सरकार पर्यटन को नए आयाम देने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। पर्यटन परियोजनाओं के लिए 758 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें से 358 हेक्टेयर भूमि 39 निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है। इससे राज्य में कई नए होटल, रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स और आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा लागू की गई पर्यटन नीति-2025 और फिल्म पर्यटन नीति 2025 निवेशकों और उद्यमियों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत कर रही हैं। इन नीतियों के कारण पर्यटन क्षेत्र में 3 हजार 372 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आये हैं। इससे 50 हजार 500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

फिल्म निर्माताओं की बन रहा फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन

मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण फिल्म निर्माताओं की फेवरेट शूटिंग डेस्टिनेशन बन चुका है। राज्य में 185 से अधिक फिल्मों और 40 अन्य प्रोजेक्ट्स की शूटिंग की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उम्मीद जताई है कि सरकार द्वारा दी जा रही विशेष सुविधाओं और अनुदानों के कारण आने वाले वर्षों में फिल्म पर्यटन और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में चंदेरी, ग्वालियर और भोपाल में हुई शूटिंग्स की वजह से इन क्षेत्रों के लिये पर्यटकों में आकर्षण बढ़ा है। साथ ही फिल्म निर्माताओं की नजरों में भी प्रदेश की साफ-सुथरी लोकेशन्स आई हैं।

नए निवेश और व्यापक रोजगार अवसर

राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में 1,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि चिन्हित की है। इससे निवेश को और गति दी जा सकेगी। साथ ही पर्यटन से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट्स विकसित होंगे और लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

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