मध्यप्रदेश में पेपर लीक आरोपियों की अब खैर नहीं, 3 महीने में होगा फैसला

Published : Jul 25, 2026, 04:45 PM IST
madhya pradesh paper leak fast track court

सार

मध्यप्रदेश में पेपर लीक और परीक्षा विवादों के मामलों के लिए भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, जिनमें तीन महीने के भीतर फैसला होगा।

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों और शिक्षकों से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं और जरूरत के अनुसार नए फैसले भी लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी देशहित में कोई बड़ा निर्णय लेते हैं, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और उसके अनुरूप नीतियां बनाने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल रहता है।

पेपर लीक मामलों के लिए भोपाल समेत चार शहरों में बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार, 25 जुलाई को विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि युवाओं से जुड़े मामलों में न्याय जल्द मिले, इसके लिए प्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। ये फास्ट ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाए जाएंगे। इन अदालतों में पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर होगी। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे सभी मामलों का फैसला अधिकतम तीन महीने के भीतर किया जाए, ताकि छात्रों का भविष्य लंबे समय तक प्रभावित न हो।

 

 

नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी की त्वरित कार्रवाई का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही नीट पेपर लीक की जानकारी सामने आई, केंद्र सरकार ने बिना देर किए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। इसके बाद मामला दर्ज हुआ, देशभर में आरोपियों की गिरफ्तारी तेज हुई और पूरी प्रक्रिया के बाद दोबारा नीट परीक्षा भी कराई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार की गंभीरता को दर्शाता है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया गया।

भविष्य की परीक्षाओं के लिए तैयार होगा नया एसओपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। भविष्य में नीट सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित कराने के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सबसे पहले लागू करने वाला राज्य मध्यप्रदेश रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश सरकार ने तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय भी शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सिर्फ विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए लगातार फैसले ले रही है। आगे भी शिक्षा और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय इसी तरह जारी रहेंगे।

पीएम मोदी के कार्यकाल में बढ़ीं मेडिकल कॉलेज और सीटों की संख्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मेडिकल शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है। उनके कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या पहले की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि देश में पहले जहां केवल 641 विश्वविद्यालय थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। इसी तरह मेडिकल शिक्षा की सीटें भी करीब 50 हजार से बढ़कर एक लाख से अधिक हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पहले से अधिक अवसर मिल रहे हैं।

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