मध्य प्रदेश में पानी की कमी पर सख्त हुए CM मोहन यादव, अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश

Published : Jun 02, 2026, 09:29 PM IST
Madhya Pradesh Targets Har Ghar Jal Before 2028 Says CM Mohan Yadav

सार

MP Jal Jeevan Mission: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल आपूर्ति को लेकर अधिकारियों को कौन-कौन से अहम निर्देश दिए हैं? मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन का कितना काम पूरा हो चुका है और हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य कब तक है? जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार किन डिजिटल और जल संरक्षण उपायों पर काम कर रही है?

गर्मी के मौसम में जब कई इलाकों में पानी की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है, तब मध्य प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि पेयजल आपूर्ति उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।

भोपाल में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी जल संकट की स्थिति बन रही हो, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की जाएं और पेयजल आपूर्ति की लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने विशेष रूप से सूखते जल स्रोतों की जांच और नल-जल योजनाओं के निर्बाध संचालन पर जोर दिया।

मार्च 2028 से पहले पूरा होगा जल जीवन मिशन

बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पत्तिया उइके ने जानकारी दी कि प्रदेश में जल जीवन मिशन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2028 से पहले राज्य के हर घर तक नल से जल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि उज्जैन संभाग समेत प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ऐसे गांवों और ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने के निर्देश दिए जिन्होंने स्वयं नल-जल योजनाओं का सफल संचालन और रखरखाव किया है।

यह भी पढ़ें: 17 साल के छात्र के सवालों से हिल गया पूरा CBSE, मोदी सरकार ने कर दी बड़ी कार्रवाई

1.11 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंचा नल का पानी

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवार इस योजना के दायरे में आ चुके हैं। दिसंबर 2023 से अब तक:

  • 16.50 लाख से अधिक नए घरेलू नल कनेक्शन दिए गए
  • 15,238 नए नलकूप और हैंडपंप स्थापित किए गए
  • 14,200 गांवों को "हर घर जल" घोषित किया गया

सरकार का दावा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

जल स्रोतों के लिए सिर्फ ट्यूबवेल पर निर्भर नहीं रहेगा प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि जल स्रोतों के लिए केवल ट्यूबवेल पर निर्भर रहने की रणनीति पर्याप्त नहीं है। उन्होंने तालाब, सरोवर और जल संरक्षण आधारित संरचनाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे जल संरक्षण के साथ-साथ भूजल स्तर में सुधार और जल पुनर्भरण (Water Recharge) को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नल-जल योजनाओं के लिए स्थायी जल स्रोत तैयार हो सकेंगे।

देश का पहला बोरवेल अधिनियम लागू करने वाला राज्य बना मध्य प्रदेश

बैठक में मंत्री सम्पत्तिया उइके ने बताया कि खुले या असुरक्षित बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मध्य प्रदेश ने बोरवेल अधिनियम लागू किया है। सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इसका उद्देश्य बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

डिजिटल तकनीक से होगी पानी की निगरानी

जल आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी काम कर रही है। मध्य प्रदेश जल निगम के अनुसार:

  1. जलदर्पण पोर्टल के माध्यम से शिकायतों और सुझावों का समाधान किया जा रहा है।
  2. एकल नल-जल योजनाओं में IoT सेंसर लगाने की तैयारी है।
  3. राज्य और जिला स्तर पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  4. 155 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं को NABL प्रमाणन मिल चुका है।

इन कदमों का उद्देश्य पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति दोनों की निगरानी को बेहतर बनाना है।

अक्टूबर 2026 में होगा जल उत्सव

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर भी जोर दिया। इसी कड़ी में अक्टूबर 2026 में राज्य स्तर पर "जल उत्सव" आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जल संरक्षण, नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन और सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को तय समय से पहले पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले वर्षों में नल-जल योजनाओं, डिजिटल मॉनिटरिंग और जल संरक्षण अभियानों के जरिए राज्य हर घर तक सुरक्षित और नियमित पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने की तैयारी कर रहा है।

यह भी पढ़ें: PM Kisan: लाखों किसान कर रहे हैं एक ही गलती! जिसकी वजह से रुक सकता है पैसा

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

मध्यप्रदेश में अब सरकार कराएगी आपकी संपत्ति की रजिस्ट्री, CM मोहन यादव ने कर दिया ऐलान
ट्विशा केस में खुलने वाला है सबसे बड़ा राज, लेकिन खतरे में गिरिबाला और समर्थ की जान?