MP Tourism: बाबा महाकाल से चीतों तक, CM मोहन यादव ने विजयवाड़ा उत्सव में आंध्र प्रदेश के लोगों को दिया न्योता

Published : Oct 18, 2026, 08:44 AM IST
mohan yadav at vijayawada utsav

सार

मध्यप्रदेश के CM मोहन यादव विजयवाड़ा उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, कोहिनूर हीरे, MP-आंध्र के पुराने रिश्तों और पर्यटन पर बात की।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात आंध्र प्रदेश में आयोजित विजयवाड़ा उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक कलाओं के महत्व पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक कलाएं और परंपराएं जीवन में उत्साह और उमंग भरती हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश के बीच हजारों साल पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों राज्य अपनी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए एक-दूसरे का सहयोग करते रहेंगे।

विजयवाड़ा उत्सव में आंध्र प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में ‘दक्षिण का वैभव’ थीम के तहत कलाकारों के अलग-अलग समूहों ने आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने दक्षिण भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को मंच पर जीवंत कर दिया।

विजयवाड़ा उत्सव 2026: CM मोहन यादव ने सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां कनक दुर्गा और भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी के चरणों में नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा उत्सव का यह दूसरा वर्ष है और इस समय नवरात्रि का पर्व भी चल रहा है। मां दुर्गा सभी को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्सव के दौरान हुई बारिश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विजयवाड़ा उत्सव का वैभव ऐसा है कि मानो भगवान इंद्र भी इस आयोजन को आशीर्वाद दे रहे हों। बारिश की बूंदें उत्सव के आनंद और उमंग को और बढ़ा देती हैं। डॉ. यादव ने कहा कि कृष्णा नदी के किनारे बसा विजयवाड़ा विजय की धरती है। यहां की सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं इसे विशेष बनाती हैं। ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की विविधता को सामने लाने के साथ लोगों को अपनी विरासत से जुड़ने का अवसर भी देते हैं।

विजयवाड़ा उत्सव में 4 से 5 हजार कलाकारों ने दी प्रस्तुति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधताओं से भरी हुई है। इसमें दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपराएं सभी को आकर्षित करती हैं। विजयवाड़ा उत्सव का वैभव अब देशभर में बढ़ता जा रहा है और यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिला रहा है। उन्होंने बताया कि उत्सव में करीब 4 से 5 हजार कलाकार अपने-अपने सांस्कृतिक नृत्यों और कलाओं की प्रस्तुति दे रहे हैं। ‘दक्षिण का वैभव’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से क्षेत्र की कला, परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाया।

डॉ. मोहन यादव ने आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए आयोजकों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से आंध्र प्रदेश के लोगों को विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेशवासियों की ओर से वह हर कार्य में आंध्र प्रदेश की विजय और सफलता की कामना करते हैं।

कोहिनूर हीरे से जुड़ा विजयवाड़ा का इतिहास, भारत वापसी के प्रयासों का जिक्र

विजयवाड़ा के ऐतिहासिक महत्व की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृष्णा नदी के किनारे स्थित पर्वतीय क्षेत्र और यहां हीरे के खनन से जुड़ी पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा इसी क्षेत्र से निकला था, जो बाद में तत्कालीन ब्रिटिश शासकों के हाथों में चला गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार कोहिनूर हीरे को वापस देश में लाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने विजयवाड़ा के प्रसिद्ध मैंगो मार्केट का भी जिक्र किया, जिसकी पहचान देशभर में है। इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों के जरिए उन्होंने विजयवाड़ा की विशिष्ट पहचान को रेखांकित किया। उनका कहना था कि भारत की अलग-अलग क्षेत्रों में फैली विरासत देश की सांस्कृतिक समृद्धि को और मजबूत बनाती है।

मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश के संबंध हजारों साल पुराने

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश के बीच संबंध हजारों साल पुराने हैं। दोनों राज्यों की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और परंपराएं काफी समृद्ध हैं। भविष्य में भी दोनों प्रदेश आपसी सहयोग के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन अलग-अलग राज्यों के लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं को समझने और करीब आने का अवसर देते हैं। विजयवाड़ा उत्सव भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश के बीच आपसी जुड़ाव आगे भी मजबूत होगा। इससे दोनों राज्यों की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी।

CM मोहन यादव ने विजयवाड़ा उत्सव के दर्शकों को उज्जैन और ओंकारेश्वर आने का दिया न्योता

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयवाड़ा उत्सव में मौजूद दर्शकों और श्रद्धालुओं को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने लोगों से उज्जैन में बाबा महाकाल और ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की धार्मिक और प्राकृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रदेश में चीतों को बसाने की पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कभी लुप्त हो चुके चीतों को मध्यप्रदेश में तीन स्थानों पर बसाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा को करीब से देखने के लिए भी लोगों को आमंत्रित किया। डॉ. यादव का यह निमंत्रण मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से भी अहम है। उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ प्रदेश के वन्यजीव क्षेत्र पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं।

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