
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोक परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 सितंबर की शाम भोपाल के भेल दशहरा मैदान पहुंचकर 25 सितंबर को होने वाले राज्य स्तरीय 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने बसों के अंदर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरकार की इस पहल को क्रांतिकारी फैसला बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए 25 सितंबर का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है।
मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 21 साल बाद एक बार फिर लोक परिवहन बस सेवा शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस बस सेवा का मॉडल सामान्य परिवहन व्यवस्था से अलग और अपने तरह का यूनिक मॉडल होगा। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के शहरों और गांवों के बीच आवागमन को बेहतर बनाना और यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परिवहन सेवा के तहत अलग-अलग प्रकार की बसें चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के नगरों और जिलों में संचालित की जाएंगी। इसमें ई-बस समेत सर्वसुविधायुक्त बसें शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। बसों में पानी जैसी सुविधाओं के साथ बेहतर बस स्टॉप और बस स्टैंड विकसित किए जाएंगे। परिवहन व्यवस्था की कंट्रोलिंग भी बेहतर तरीके से की जाएगी, ताकि संचालन को व्यवस्थित रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कें हैं। अब राज्य उन बड़े राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी परिवहन सेवा है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश में दो मेट्रो सेवाएं भी शुरू हुई हैं। अब सड़क परिवहन के क्षेत्र में मौजूद कमी को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों में अब इंफ्रास्ट्रक्चर पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। ऐसे में लोगों की जरूरत भी बढ़ी है और वे बेहतर आवागमन सुविधा चाहते हैं।
इसी को देखते हुए नई व्यवस्था में इंटरसिटी और इंट्रा-सिटी बस सेवाएं दोनों को शामिल किया जाएगा। यानी शहर के भीतर परिवहन के साथ-साथ एक शहर से दूसरे शहर तक जाने के लिए भी बस कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लग्जरी बस सेवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन बसों के जरिए यात्रियों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों और दूसरे राज्यों तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ओडिशा के जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम, मथुरा और चार धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक भी बस सेवा के जरिए कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस तरह मध्यप्रदेश से दूसरे राज्यों और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने एक बार फिर इस बस सेवा की शुरुआत को सरकार का क्रांतिकारी फैसला बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि 25 सितंबर को होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रदेश की जनता को सरकार की ओर से शुरू की जा रही यह नई परिवहन व्यवस्था पसंद आएगी। सरकार का फोकस प्रदेश में शहरों और गांवों के बीच सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर है।
मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।