
भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनसे जुड़े ऐतिहासिक स्थलों पर शोध करने वाले शोधार्थियों और संस्थाओं को पूरा सहयोग देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन समाज के लिए प्रेरणा है। उनके जीवन से मित्रता, कर्तव्य, सामाजिक समरसता और सुशासन की सीख मिलती है। प्रदेश सरकार श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने का काम भी कर रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दो दिवसीय चौथे राष्ट्रीय HR-CSR सम्मेलन ‘अभ्युदय-2026’ का शुभारंभ कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े कई प्रसंगों का जिक्र किया।
जहां गीता खत्म होती है, वहां से जीवन का अभ्युदय शुरू होता है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का पूरा जीवन चुनौतियों के बीच बीता। उनका जन्म कारागार में हुआ और बचपन से ही उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों को निभाया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध करने के बाद खुद सत्ता नहीं संभाली। महाभारत के युद्ध के बाद भी उन्होंने युधिष्ठिर को राजा बनाया। इससे सीख मिलती है कि जिम्मेदारी उसी व्यक्ति को मिलनी चाहिए, जो उसके योग्य हो।
श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों को विकसित कर रही है। इसके लिए श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के तहत काम किया जा रहा है। इन स्थानों को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन पर गहन शोध करने वाले लोगों और संस्थाओं को सरकार की ओर से सहयोग दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देवी-देवताओं के जीवन में आई चुनौतियों और उनसे समाज को मिली सीख पर चर्चा होनी चाहिए।
सुदामा से दोस्ती और वचन निभाने की सीख
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में साथ शिक्षा प्राप्त की थी। श्रीकृष्ण ने हमेशा अपनी मित्रता का मान रखा।
उन्होंने माता यशोदा को दिए गए वचन का प्रसंग भी सुनाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, श्रीकृष्ण ने वचन निभाने और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से सामाजिक समरसता, प्रकृति के प्रति सम्मान और अनुशासन की प्रेरणा मिलती है।
युवाओं के कौशल विकास पर भी सरकार का जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में एक ग्लोबल स्किल पार्क संचालित है और सरकार ने तीन स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि उद्योग जगत भी प्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में विस्तार की संभावनाएं तलाश रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत योग को बढ़ावा दिया जा रहा है और आयुष महाविद्यालयों का विस्तार भी किया जा रहा है।
भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विकास पर चर्चा
‘अभ्युदय-2026’ सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण, बेहतर शासन व्यवस्था और भारतीय ज्ञान परंपरा को जोड़कर विकास के रास्तों पर चर्चा की जा रही है। इसमें उद्योग जगत, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव और श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के न्यासी सचिव शिवशेखर शुक्ला सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय परंपराओं से मिली सीख को आधुनिक नेतृत्व, कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारी और संस्थागत फैसलों से जोड़ना है।
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