
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी और किसानों की अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों की सभी जायज मांगों को गंभीरता से देख रही है और उनके समाधान के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और मूंग खरीदी सहित अन्य मुद्दों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कृषि मंत्री ने किसानों से आंदोलन के दौरान शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें विस्तार से रखीं। इस पर कृषि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि आपसी संवाद और सकारात्मक प्रयासों से किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार खरीदी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बैठक में कृषि विभाग के सचिव निशांत बरबड़े, विभागीय अधिकारी और किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
किसानों से चर्चा के बाद कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में बताया कि मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। पिछले वर्ष के अंतिम अनुमान और इस वर्ष के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार प्रदेश में मूंग की औसत उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर है। इसके आधार पर इस साल करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है।
पत्र में बताया गया कि पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने प्रदेश को 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य दिया था, जबकि वास्तविक खरीदी 7.72 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई थी। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ दिलाने और उन्हें भविष्य में दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीदी लक्ष्य बढ़ाना जरूरी है। मौजूदा लक्ष्य के कारण सभी किसानों को MSP का लाभ मिल पाना संभव नहीं होगा।
कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत मध्य प्रदेश को ग्रीष्मकालीन मूंग के कुल संभावित उत्पादन का 40 प्रतिशत, यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य दिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि अन्य राज्यों के अप्रयुक्त लक्ष्य का हिस्सा मध्य प्रदेश को आवंटित किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सके।
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