MP Greenfield Corridor: 5 नए फोरलेन कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी, इन शहरों को मिलेगा फायदा

Published : Nov 06, 2026, 10:03 AM IST
mp greenfield Corridor expressway projects

सार

मध्यप्रदेश में ₹63,296 करोड़ से 1,398 किमी के 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की तैयारी। मोहन यादव सरकार ने फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर बनाने को मंजूरी दी।

भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए पांच नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर करीब 63,296 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन पांचों कॉरिडोर की कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक में इन परियोजनाओं की फिजिबिलिटी रिपोर्ट और व्यवहार्य पाए जाने पर डीपीआर तैयार करने की अनुमति दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें किसी भी प्रदेश के विकास की वास्तविक जीवन रेखा होती हैं। मध्यप्रदेश का कोई भी गांव, कस्बा या शहर बेहतर सड़क संपर्क से वंचित नहीं रहना चाहिए। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर गांव और शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है। इसके लिए स्टेट हाईवे, फोर लेन, सिक्स लेन, आठ लेन और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का आधुनिक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

MP Greenfield Expressway: 63,296 करोड़ रुपये से बनेंगे 5 नए कॉरिडोर

बैठक में प्रदेश में पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण की तैयारियों की जानकारी दी गई। इनकी कुल लंबाई करीब 1,398 किलोमीटर होगी और अनुमानित लागत 63,296 करोड़ रुपये रखी गई है। ये सभी फोर लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर होंगे। इनमें पेव्ड शोल्डर की सुविधा भी रहेगी।

प्रस्तावित पांच कॉरिडोर इस प्रकार हैं:

  • भोपाल-मंदसौर कॉरिडोर: 258 किलोमीटर
  • सागर-सतना कॉरिडोर: 227 किलोमीटर
  • जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर: 358 किलोमीटर
  • भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर: 320 किलोमीटर
  • कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर: 235 किलोमीटर

इन कॉरिडोर के बनने से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। इससे यात्रा आसान होने के साथ व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

Bhopal-Mandsaur और Sagar-Satna Highway: तीन कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार

बैठक में बताया गया कि भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना और जबलपुर-आशापुर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। कंसल्टेंट की ओर से इन परियोजनाओं के लिए अलग-अलग अलाइनमेंट विकल्प भी दिए गए हैं। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) इन विकल्पों का अध्ययन कर रहा है। इनमें से सबसे बेहतर अलाइनमेंट का चयन किया जाएगा, ताकि परियोजनाओं को तकनीकी और व्यावहारिक रूप से बेहतर तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

वहीं, भोपाल-ग्वालियर और कटनी-सिंगरौली कॉरिडोर के लिए डीपीआर कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। संचालक मंडल ने पांचों कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और रिपोर्ट में परियोजनाओं को व्यवहार्य पाए जाने पर उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने की अनुमति मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को दे दी है।

Mohan Yadav Road Development: निर्माणाधीन सड़कों का काम जल्द पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में जिन सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है, उनमें तेजी लाई जाए। सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के लिए कार्य की गति बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, उद्योग और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।

मुख्यमंत्री ने मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (MDR) के निर्माण और सुधार पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए उपलब्ध सभी संभावनाओं पर एक साथ काम किया जाए, ताकि प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

Viksit Madhya Pradesh Sankalp Path: राजमार्ग निधि का बदला नाम

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निगम की ओर से प्रस्तावित राजमार्ग निधि का नया नाम भी तय किया। अब यह निधि 'विकसित मध्यप्रदेश संकल्प पथ' के नाम से जानी जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास को दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ाना है। इसके तहत स्टेट हाईवे से लेकर बड़े एक्सप्रेस-वे तक सड़क संपर्क को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

MP Road Development Corporation Meeting: जावरा-नयागांव परियोजना समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 49वीं बैठक में सड़क परियोजनाओं और निगम के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इनमें प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:

  • जावरा-नयागांव फोरलेन परियोजना: बीओटी योजना के तहत विकसित जावरा-नयागांव फोरलेन परियोजना में शत-प्रतिशत इक्विटी के विनिवेश की अनुमति को मंजूरी दी गई।
  • नए पदों का सृजन: निगम के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए मुख्य अभियंता के दो, महाप्रबंधक के तीन और उप महाप्रबंधक के पांच नए पद सृजित करने की मंजूरी दी गई।
  • विधि सहायक का मानदेय: निगम में पदस्थ विधि सहायक का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
  • भोपाल में भवन अधिग्रहण: लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के स्वामित्व वाले मध्यप्रदेश तिलहन संघ भवन यानी पीएएम भवन, अरेरा हिल्स भोपाल के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई।
  • स्वतंत्र संचालक की नियुक्ति: निगम में एक स्वतंत्र संचालक की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
  • सड़क परियोजनाओं का स्वामित्व: ऋण के माध्यम से उन्नयन की जाने वाली राज्य राजमार्ग और अन्य सड़कों के साथ दूसरी परियोजनाओं का स्वामित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को सौंपने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • कंबाइन हार्वेस्टर को टोल में छूट: निगम के बीओटी (टोल), बीओटी (टोल एवं एन्यूटी), ओएमटी और यूजर फ्री मॉडल के तहत संचालित सभी टोल प्लाजा पर कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को टोल शुल्क से छूट देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

MP Road Infrastructure: बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह और प्रमुख सचिव वन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने हिस्सा लिया। बैठक में सचिव जनसम्पर्क एवं मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक भरत यादव, निगम के स्वतंत्र संचालक वेंकटेश बालासुब्रमानियम, धर्मानंद सारंगी और अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

सरकार की इन परियोजनाओं का उद्देश्य मध्यप्रदेश में सड़क संपर्क को नए स्तर पर ले जाना है। पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के प्रस्ताव आगे बढ़ने से प्रदेश के बड़े शहरों और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।

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