Jal Ganga Samvardhan Abhiyan: गंगा दशहरा पर प्रदेशभर में होगा श्रमदान, जल संरक्षण पर सीएम का जोर

Published : May 21, 2026, 05:35 PM ISTUpdated : May 21, 2026, 05:36 PM IST
MP Jal Ganga Samvardhan Abhiyan mohan yadav water conservation appeal

सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनता से जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल होने की अपील की। गंगा दशहरा पर प्रदेशभर में जल स्रोत पूजन, गंगा कलश यात्रा और कुओं-बावड़ियों पर श्रमदान किया जाएगा। सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दे रही है।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने 21 मई को प्रदेशवासियों से जल गंगा संवर्धन अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इतना व्यापक और महत्वपूर्ण अभियान तभी सफल हो सकता है, जब इसमें आम जनता की भागीदारी हो।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में रहीम के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति में जल के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारे यहां कोई भी पूजा, अनुष्ठान या धार्मिक कार्य जल संकल्प के बिना पूरा नहीं माना जाता। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा 25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर प्रदेशभर में जल स्रोत पूजन और गंगा कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन भी किया।

गंगा दशहरा पर कुएं, बावड़ी और तालाबों पर होगा श्रमदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण को लेकर लगातार काम हो रहा है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि गंगा दशमी के दिन पूरे प्रदेश में एक साथ कुओं, बावड़ियों, नहरों और तालाबों पर श्रमदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश स्तर का बड़ा जनअभियान बताया। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों को साथ जोड़कर जल संरक्षण की दिशा में व्यापक कार्य किया जाएगा।

रहीम के दोहे से समझाया पानी का महत्व

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में जल का विशेष महत्व है। उन्होंने रहीम का दोहा उद्धृत करते हुए कहा-

“रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून,

पानी गए न ऊबरे, मोती मानुष चून।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी के बिना जीवन और सृष्टि की कल्पना अधूरी है। बदलते पर्यावरण और मौसम की परिस्थितियों में जल संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल चेतना और जल संरक्षण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

सामाजिक और धार्मिक संगठनों के जरिए चलेगा जनजागरण अभियान

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान में परिषद के सहयोगी नेटवर्क, प्रस्फुटन समिति, नवांकुर सखी, सीएमसीएलडीपी के छात्र-परामर्शदाता, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक तथा सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संगठनों की भागीदारी रहेगी। इन संस्थाओं के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग जल बचाने की इस पहल से जुड़ सकें।

 

 

जल संरक्षण अभियान को बताया जनता के लिए बड़ा अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के लिए जल संरक्षण से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान का सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि गंगा दशमी केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति और मां गंगा के प्रति आस्था का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है और हमें जल स्रोतों के संरक्षण की जिम्मेदारी को समझते हुए इस अभियान को जन आंदोलन बनाना होगा।

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