
National Ayurveda Day 2026: राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश में आयुष क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 सितंबर को भोपाल स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय-संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और आयुष विभाग की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹185.50 करोड़ की लागत से 25 नए आयुष अस्पताल, औषधालय और महाविद्यालय भवनों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें डिंडौरी में ₹102 करोड़ की लागत से स्थापित आयुर्वेद महाविद्यालय भी शामिल है। राज्य सरकार के दस्तावेजों में भी डिंडौरी में ₹102 करोड़ की लागत से आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना का उल्लेख है।
कार्यक्रम में आयुष चिकित्सकों और इंटर्न्स के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग भी उठी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में आयुष मंत्री को उचित निर्देश देने की बात कही। वहीं, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुष इंटर्न्स के स्टाइपेंड को मेडिकल छात्रों के समान बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्रों के नए नामों का भी अनावरण किया। अब इन केंद्रों को ‘आयुष आरोग्यम धाम’ के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा पंडित खुशीलाल शर्मा महाविद्यालय परिसर में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस को भी आम लोगों के प्रवेश के लिए शुरू किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारतीय जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिला है।
उन्होंने लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि स्वास्थ्य को केवल बीमारी के बाद इलाज तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके अनुसार, योग और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली के जरिए स्वस्थ रहने पर जोर दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में आयुष विभाग के बजट में वर्ष 2002-03 की तुलना में 16 गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय शुरू किए जा रहे हैं और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वेलनेस सेंटर भी विकसित किए जा रहे हैं।
सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट और सागर में नए आयुर्वेद महाविद्यालयों के भवनों के लिए मंजूरी दी गई है। इसके अलावा झाबुआ और शुजालपुर में भी नए महाविद्यालयों की स्थापना को स्वीकृति मिली है।
आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेदिक और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2023 तक राज्य में 7 आयुर्वेदिक और 2 होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय थे। अब नए आयुर्वेदिक महाविद्यालयों का निर्माण चल रहा है और एक अन्य कॉलेज को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की बात कही गई है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 1,700 से अधिक आयुर्वेदिक औषधालय संचालित हैं। इसके अलावा आम लोगों को योग से जोड़ने के लिए योग कक्षाएं भी शुरू की गई हैं। सरकार आयुष चिकित्सा को पर्यटन से जोड़कर वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है।
कार्यक्रम में आयुर्वेद को केवल इलाज की पद्धति के तौर पर नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयुष चिकित्सा, वेलनेस सेंटर और पर्यटन को एक साथ जोड़कर नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, आयुष विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में नए संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आयुर्वेदिक चिकित्सा की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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