
उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़नगर के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क बनाया जाएगा, जहां स्थानीय किसानों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। इसके अलावा प्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नई परियोजना शुरू की जाएगी और बड़नगर में कवि प्रदीप सम्मान समारोह का आयोजन भी होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भाट पचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। वहीं, बड़नगर में गीता भवन का निर्माण भी कराया जाएगा। इन योजनाओं के जरिए क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार करने और स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों के साथ युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने उज्जैन और आगर में शुरू हो रही आलू प्रसंस्करण इकाइयों का भी जिक्र किया। इन इकाइयों के माध्यम से प्रदेश के 35 जिलों के किसानों से आलू खरीदा जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए उचित मूल्य मिलने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादों के लिए प्रसंस्करण और बाजार की सुविधाएं बढ़ाना है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी नई सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भाट पचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही बड़नगर में गीता भवन का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि बड़नगर में कवि प्रदीप सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इससे क्षेत्र में साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों के लिए प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य प्रगतिरत हैं। इन कार्यों के जरिए आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना को दोबारा शुरू किया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है। बेहतर परिवहन सुविधाएं लोगों को आने-जाने में सहूलियत देने के साथ क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूत करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने प्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नई परियोजना शुरू करने की भी बात कही। इस पहल का उद्देश्य मोरों के संरक्षण और उनके अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में चीतों को फिर से बसाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने एशिया से विलुप्त हो चुके चीतों को दोबारा प्रदेश में स्थापित करने का काम किया है। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले लोगों के लिए दी जा रही प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त होने की बात कहते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल करने वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने इसे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बड़ी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत कई निर्माण कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत गजनीखेड़ी में मां चामुंडा मंदिर परिसर में 16 कमरों की धर्मशाला, टीन शेड, सामुदायिक भवन, शौचालय और पेयजल व्यवस्था के लिए पानी की टंकी से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 3 किलोमीटर के वाटर रिटेंशन कार्य को भी सूची में शामिल किया गया।
चारभुजा मंदिर से माताजी मंदिर तक सीसी रोड का निर्माण, गार्डन से शौचालय की ओर और मुख्य द्वार से श्मशान की ओर सीसी रोड, माताजी परिसर की बाउंड्रीवॉल सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन, सीसी रोड और आरसीसी नालियों के निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और लोगों को स्थानीय स्तर पर जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत भी कई निर्माण और विकास कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें भीडावद, मौलाना, बीराखेड़ी, दुनातला, पलदुना और बड़िया में उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों से जुड़े कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही सिविल अस्पताल बड़नगर के उन्नयन का कार्य भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पतालों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) के अंतर्गत इंडोर स्टेडियम और स्विमिंग पूल का निर्माण भी शामिल है। नगर पालिका परिषद बड़नगर के विभिन्न वार्डों में सीसी रोड और आरसीसी नाली निर्माण से जुड़े कार्यों का भी लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्रि के अवसर पर कन्या पूजन किया। इसके बाद दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में बड़नगर और आसपास के क्षेत्रों में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता दी गई।
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