
भोपाल/शाजापुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 30.86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन और 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री का भव्य रोड शो निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के लिए नई सड़कें और रेलवे ओवरब्रिज बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कालापीपल और शाजापुर का क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। उन्होंने मां राजराजेश्वरी का आशीर्वाद इस क्षेत्र पर बताया और कहा कि यहां का पौधरोपण अभियान एक नया रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने कहा कि नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती सहित कई नदियों का आशीर्वाद इस इलाके को मिला है। मुख्यमंत्री ने शाजापुर की तुलना उस धरती से की जो देश को समृद्धि देती है। उन्होंने कहा कि यह जिला कृषि, संगठन और विकास तीनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान रखता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग धरती को हरियाली देते हैं, वही भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में हर संभव निर्णय लेने के लिए तैयार है। उन्होंने घोषणा की कि अब किसानों को छह-छह महीने में ब्याज जमा कराने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार उन्हें एक वर्ष की अवधि का कृषि ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि सहित अनेक योजनाएं लगातार किसानों को लाभ पहुंचा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नर्मदा परियोजना के माध्यम से शाजापुर के 118 गांवों तक पानी पहुंच चुका है और शेष गांवों तक भी जल्द सिंचाई सुविधा पहुंचाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में केवल लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जबकि अब यह क्षेत्र बढ़कर करीब 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बिजली और पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी, लेकिन अब गांव और खेतों के लिए अलग-अलग बिजली व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसानों को अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद की बेहतर सुविधा मिल रही है और सरकार उनकी लागत कम तथा आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों और सिंचाई के क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़े और किसानों को उचित सुविधाएं नहीं मिल सकीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को सम्मान देने के साथ-साथ उनकी आमदनी बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध परियोजना के जरिए मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच वर्षों पुराना जल विवाद समाप्त हुआ है। इससे राजस्थान के 15 और मध्यप्रदेश के 13 जिलों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के साथ समझौता किया गया है, जिससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की स्थिति बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरदार सरोवर परियोजना के तहत प्रदेश पर आने वाला आर्थिक बोझ भी काफी कम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बताया कि अब तक लाड़ली बहना योजना के तहत लगभग 60 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाई गई और इससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर योजना का विरोध करने का आरोप भी लगाया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए ताकि सभी को समान अधिकार और सम्मान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और समान अधिकारों को ध्यान में रखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और पदोन्नति के रास्ते भी खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि शाजापुर क्षेत्र में पेप्सिको का प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे किसानों को आलू की खेती का बेहतर बाजार मिलेगा। साथ ही किसानों को सड़क किनारे अपनी जमीन पर होम-स्टे विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसे होम-स्टे पर अतिरिक्त बिजली शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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