
भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 19 अप्रैल को भगवान परशुराम जी की जन्मस्थली जानापाव कुटी में आयोजित प्रकटोत्सव कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भगवान कृष्ण और भगवान परशुराम से जुड़े स्थलों को विकसित कर रही है, ताकि उन्हें विश्वस्तरीय तीर्थ बनाया जा सके।
सीएम ने घोषणा की कि 17 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य इस स्थान को भव्य और दिव्य बनाना है, ताकि देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में इसकी अलग पहचान बने। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर सकेंगे और धार्मिक पुण्य अर्जित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम का जीवन आस्था, श्रद्धा, परंपरा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने हर युग में अन्याय और अधर्म के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र दोनों के ज्ञाता थे। भगवान राम के विवाह का प्रसंग भी उनके धनुष से जुड़ा है, जो उनकी महत्ता को दर्शाता है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भगवान परशुराम को महागुरु माना जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को शिक्षा दी। गुरु द्रोणाचार्य ने उनसे दिव्यास्त्रों और ब्रह्मास्त्र का ज्ञान प्राप्त किया। यह दर्शाता है कि उनका योगदान केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि युद्धकला और ज्ञान में भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण के जीवन में भी भगवान परशुराम का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण को सुदर्शन चक्र भी भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मिला, जिसका उपयोग उन्होंने कठिन परिस्थितियों में किया। इसी के माध्यम से उन्होंने बड़े-बड़े युद्धों में सफलता प्राप्त की और अपने गुरु को दक्षिणा दी।
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार लगातार विकास कार्यों में जुटी है। सड़कों, पुलों, नहरों, सिंचाई सुविधाओं, अस्पतालों और स्कूलों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूलों को सनातन संस्कृति से जोड़ते हुए ‘सांदीपनि विद्यालय’ नाम दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को सांस्कृतिक शिक्षा भी मिले।
मुख्यमंत्री ने जानापाव क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली नदियों- चंबल, गंभीर, चौरल, अजनार, कारम, धाम्नी, नखेरी और सूमरा—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये नदियां धरती माता की धमनियों की तरह हैं। उन्होंने प्रशासन से गंभीर और अजनार नदी के पुनर्जीवन की योजना बनाने का आग्रह किया। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा चल रही नदी जोड़ो परियोजनाओं का भी जिक्र किया, जिससे किसानों को सिंचाई, पीने का पानी और बिजली की सुविधा मिलेगी।
सीएम मोहन यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों को रोकने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में यह अधिकार जरूर दिलाया जाएगा।
यह प्रस्तावित लोक एक भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र होगा, जिसमें भगवान परशुराम और भगवान कृष्ण के जीवन को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें एक संग्रहालय बनाया जाएगा, जिसमें उनके जीवन, दर्शन और युद्धकला को दर्शाया जाएगा। यहां कुल 5 दीर्घाएं होंगी-
इसके अलावा, यहां भगवान परशुराम और भगवान कृष्ण की कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। 30 फीट ऊंचा भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। परिसर में कथा मंच, गज़ेबो, व्यू पॉइंट, लैंडस्केपिंग और पाथवे जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यह स्थान प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन सके।
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