
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जिन विषयों को प्राथमिकता दे रही है, उन पर बिना देरी के प्रभावी कार्रवाई की जाए। सभी विभाग तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक शीघ्र पहुंचे, इसके लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
मंत्रालय में आयोजित विभिन्न विभागों की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 15 जुलाई तक चल रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दौरान अधिक से अधिक सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण किया जाए। साथ ही स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जाए ताकि विद्यार्थियों को इसी शैक्षणिक सत्र से बेहतर सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि 'सांदीपनि विद्यालय' मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा उत्कृष्ट शैक्षणिक नवाचार है। इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग विस्तृत ब्रांडिंग योजना तैयार करे।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के समग्र विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि सती अनुसुईया मंदिर परिसर, सती अनुसुईया मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी मंदिर परिसर के निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए जाएं। उन्होंने बताया कि 'मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना' को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार भी सकारात्मक है। जल्द ही दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरकंटक, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला, सराय, अन्न क्षेत्र, प्याऊ, पेयजल टंकी, अस्पताल और अन्य जनसुविधाओं के निर्माण के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाओं को रजिस्ट्री शुल्क में छूट, अनुदान या अन्य प्रकार की सरकारी रियायतें देने पर विचार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) को पूर्व में आवंटित ऐसी भूमि, जिसका वर्तमान में उपयोग नहीं हो रहा है, उसे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए केंद्र के भारी उद्योग मंत्रालय से समन्वय कर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।
इसके साथ ही यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के रासायनिक कचरे से मुक्त हो चुकी भूमि पर एक भव्य स्मारक विकसित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने एप्को को गुजरात के भुज स्थित संग्रहालय का अध्ययन कर भोपाल के लिए भी उसी स्तर का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 53 हजार गांवों में आबादी भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। गांव-गांव शिविर लगाकर लोगों का पंजीयन किया जाए और इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण आबादी भूमि घोषित करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की तैयारी पहले से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के किसी भी जिले में पेयजल परिवहन की आवश्यकता नहीं पड़ी, आगे भी ऐसी स्थिति बनी रहनी चाहिए। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर अन्य प्रमुख मंदिरों में भी होमगार्ड पद सृजित करने और मंदिर समितियों के माध्यम से उनकी नियुक्ति की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों को मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल में आरक्षक पदों पर भर्ती के दौरान 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को इस संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी और अधिकारी निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करें। उन्होंने मंत्रालय, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति और प्रस्थान सुनिश्चित करने के लिए बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग संचालित छात्रावासों का युक्तियुक्तकरण कर उन्हें संयुक्त छात्रावास में बदला जाए। इसमें सभी वर्गों के विद्यार्थियों को साथ रखा जाएगा ताकि उनमें सामाजिक समरसता की भावना विकसित हो। ऐसे छात्रावासों को 'समरसता छात्रावास' नाम दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट और ममलेश्वर के विकास के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार वन भूमि का उपयोग कर प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही 'राम वन गमनपथ' और 'श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना' को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने उज्जैन की दताना-मताना हवाई पट्टी के स्थान पर प्रस्तावित नए हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा जल्द ही भूमि-पूजन कराया जाएगा।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे किए जाएं ताकि सरकार की प्राथमिकताओं का लाभ प्रदेशवासियों तक तेजी से पहुंच सके।
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