Ujjain Stampede: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के साल में एक बार कपाट खोले गए। लाखों लोग सुबह से अब तक दर्शन कर चुके हैं। लेकिन इस दौरान मंदिर में भगदड़ मच गई। जिसमें कई कई श्रद्धालु घायल हो गए।
उज्जैन (मध्य प्रदेश): सोमवार को उज्जैन के महाकालेश्वर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने भीड़ को कंट्रोल करने के इंतजामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर इंतजाम सही होते तो ऐससा नहीं होता।
बता दें कि नागचंद्रेश्वर भगवान का मंदिर साल में एक बार नगपंचमी के दिन ही खुलता है। इसलिए यहां ज्यादा भीड़ है, सुबह से लेकर अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर चुके हैं। वहीं दर्शन के लिए करीब 40 हजार श्रद्धालु लाइन में लगे हैं।
चश्मदीद ने बताया कैसे मची भगदड़
भगदड़ में घायल हुए सागर नाम के एक श्रद्धालु ने बताया कि वह घटना से पहले कई घंटों से लाइन में इंतजार कर रहे थे। सागर ने कहा, "मैं महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगा था। सात-आठ घंटे बाद मैं हरसिद्धि चौराहा पहुंचा। वहां भी हम दो घंटे तक खड़े रहे। भीड़ लगातार बढ़ रही थी और आरती का समय होने की वजह से हमें वहीं रोक दिया गया। अचानक बैरिकेड्स खोल दिए गए और भगदड़ मच गई।" उन्होंने बताया कि बैरिकेड्स गिरने से वह फंस गए और बुरी तरह घायल हो गए।
मंदिर में व्यवस्था बहुत खराब मेरा पैर टूट गया
- सागर ने आगे कहा, "टेंट गिर गया और सारे बैरिकेड्स भी गिर गए। मेरे दोनों पैर बैरिकेड के नीचे फंस गए थे। मेरा एक पैर टूट गया है। मंदिर में व्यवस्था बहुत खराब है, दर्शन के लिए करीब 40 हजार श्रद्धालु लाइन में लगे हैं।
- मेरी मदद के लिए कोई नहीं आया। बस एक आदमी ने मुझे उठाया और हेल्थ कैंप तक पहुंचाया, जहां से मुझे एम्बुलेंस में ले जाया गया।"
- सागर की मां मीनू ने बताया कि यह घटना हरसिद्धि चौराहे के पास हुई, जब भक्त नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे।
- वह एक बैरिकेड के नीचे आ गया। वहां भगदड़ मच गई थी। किसी ने उसकी मदद नहीं की। सिर्फ एक आदमी उसे उठाकर यहां लाया।"
उज्जैन के निवासी ने बताया मंदिर का सच
- अस्पताल में अपने दोस्त के घायल बच्चे को देखने आए उज्जैन के ही रहने वाले मनोहर भावसार ने प्रशासन के उन दावों पर सवाल उठाया, जिनमें कहा जा रहा था कि घटना के बाद कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है।
- भावसार ने कहा, "मैं उज्जैन का ही रहने वाला हूं। सुबह बच्चा महाकाल मंदिर में दर्शन करने गया था। मीडिया में खबर चल रही है कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं है, लेकिन मैंने अपनी आंखों से देखा है कि मेरे दोस्त का बच्चा महाकाल की एम्बुलेंस में ही आया है, उसका पैर टूट गया है और वह अस्पताल में भर्ती है।"
- उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन यह मानने से इनकार कर रहा है कि मंदिर में कुछ हुआ है।
साल में एक बार खुलते हैं नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट
बता दें कि श्रावण महीने में सोमवार के दिन नाग पंचमी का संयोग होने पर महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए थे। यह मंदिर साल में सिर्फ एक बार नाग पंचमी के दिन 24 घंटों के लिए खुलता है। इसी वजह से भगवान नागचंद्रेश्वर का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी थी।


