MP Semiconductor Summit: ताइवान के प्रतिनिधि से मिले CM मोहन यादव, चिप टेक्नोलॉजी में MP के सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

Published : Oct 23, 2026, 09:10 PM IST
MP Semiconductor Summit 2026 taiwan tecc mohan yadav

सार

मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में CM मोहन यादव ने ताइवान के TECC प्रतिनिधि से चिप उद्योग, तकनीकी अनुसंधान, निवेश और अकादमिक सहयोग पर चर्चा की।

इंदौर। मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग और आधुनिक तकनीक से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएं तलाश रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर इन इंडिया (TECC) के प्रतिनिधि के साथ बैठक की। इसमें सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना, तकनीकी अनुसंधान और भविष्य की निवेश रणनीतियों पर चर्चा हुई।

शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' के पहले दिन मुख्यमंत्री ने निवेशकों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इसी क्रम में उन्होंने नई दिल्ली स्थित TECC के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग के साइंस डायरेक्टर प्रो. लुंग-जिएह यांग से मुलाकात की।

बैठक में इस बात पर जोर रहा कि ताइवान की कंपनियों और शोध संस्थानों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों तथा निवेश के अवसरों से कैसे जोड़ा जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि सेमीकंडक्टर और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए प्रदेश में नई औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।

मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर निवेश की संभावनाएं, ताइवान से सहयोग पर चर्चा

सेमीकंडक्टर और माइक्रोचिप निर्माण के क्षेत्र में ताइवान की वैश्विक मौजूदगी को देखते हुए उसके साथ तकनीकी सहयोग मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रो. लुंग-जिएह यांग के बीच हुई बैठक में ताइवान की कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के तरीकों पर चर्चा की गई।

सेमीकंडक्टर उद्योग में चिप डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और संबंधित तकनीकी सेवाओं की अहम भूमिका होती है। इस क्षेत्र में निवेश आने से केवल विनिर्माण इकाइयों की स्थापना ही नहीं, बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बनती हैं।

मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की औद्योगिक नीतियों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को जानकारी दी जाए। हालांकि, इस बैठक में किसी विशेष कंपनी के निवेश, प्रस्तावित राशि या नई विनिर्माण इकाई की स्थापना की घोषणा नहीं की गई है।

सेमीकंडक्टर सेक्टर में युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर

सेमीकंडक्टर उद्योग का विस्तार होने पर चिप डिजाइनिंग, सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, टेस्टिंग और तकनीकी अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की जरूरत बढ़ सकती है। मध्यप्रदेश में इस क्षेत्र से जुड़े निवेश और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा मिलने पर स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसर बनने की संभावना है।

इस उद्योग में काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मटेरियल साइंस और अन्य तकनीकी विषयों का ज्ञान उपयोगी होता है। इसके साथ ही आधुनिक उपकरणों के संचालन, चिप डिजाइन और गुणवत्ता परीक्षण में विशेष प्रशिक्षण की जरूरत पड़ती है। बैठक में तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा इसी व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, अभी किसी खास प्रशिक्षण कार्यक्रम, रोजगार संख्या या संस्थान की स्थापना को लेकर आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों को ताइवान के संस्थानों से जोड़ने की तैयारी

बैठक के दौरान मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग संस्थानों को ताइवान के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी ज्ञान और अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशना है।

यदि इस दिशा में संस्थागत सहयोग विकसित होता है, तो विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर तकनीक, चिप डिजाइन और उन्नत विज्ञान से जुड़े विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग से संयुक्त अनुसंधान, विशेषज्ञों के व्याख्यान और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का रास्ता भी खुल सकता है। फिलहाल यह सहयोग चर्चा के स्तर पर है। इसके तहत किन संस्थानों को जोड़ा जाएगा और कार्यक्रमों को किस तरह लागू किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

CM मोहन यादव ने GIS-2027 के लिए दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रो. लुंग-जिएह यांग को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS-2027) में शामिल होने का निमंत्रण दिया। राज्य सरकार इस आयोजन के माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ संपर्क बढ़ाने तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को सामने रखने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों का उल्लेख करते हुए भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में निवेश करने वाले वैश्विक संस्थानों और उद्यमियों को अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने त्वरित अनुमतियों के साथ आवश्यक प्रशासनिक और नीतिगत सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी जताई।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए दिया गया निमंत्रण सेमीकंडक्टर और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में संभावित सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इसके वास्तविक परिणाम इस बात पर निर्भर करेंगे कि बातचीत के बाद निवेश, तकनीकी साझेदारी और शोध सहयोग के लिए कौन-सी ठोस पहल की जाती हैं।

क्या है TECC? ताइवान के साथ तकनीकी सहयोग में इसकी भूमिका

ताइपे इकोनॉमिक एंड कल्चरल सेंटर (TECC) भारत में ताइवान का प्रतिनिधि कार्यालय है। इसका विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रभाग उन्नत तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देने का काम करता है। ताइवान वैश्विक सेमीकंडक्टर और माइक्रोचिप उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है। वहां विकसित चिप निर्माण क्षमता का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, संचार उपकरणों, ऑटोमोबाइल और अन्य आधुनिक तकनीकों में होता है। ऐसे में ताइवान के तकनीकी संस्थानों और कंपनियों के साथ संभावित सहयोग मध्यप्रदेश के लिए उद्योग और अनुसंधान, दोनों क्षेत्रों में उपयोगी हो सकता है। इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर समिट के दौरान हुई यह बैठक इसी दिशा में संभावनाएं तलाशने का हिस्सा रही।

मध्यप्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने और निवेश के अवसर विकसित करने पर जोर दे रही है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि ताइवान के साथ हुई बातचीत से आगे चलकर कोई ठोस निवेश प्रस्ताव, तकनीकी साझेदारी या शैक्षणिक सहयोग सामने आता है या नहीं।

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