
मध्य प्रदेश के जंगलों और जनजातीय इलाकों में पीढ़ियों से चला आ रहा जड़ी-बूटियों और पारंपरिक उपचार का ज्ञान अब सिर्फ बुजुर्गों की जुबानी तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार इस देशज ज्ञान को दस्तावेजी रूप देने की तैयारी में है। इसके तहत प्रदेश के करीब 640 Tribal Healers को ‘Master Trainers’ के तौर पर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक जनजातीय समुदायों के पास औषधीय वनस्पतियों, वन, खेती और प्रकृति से जुड़े लंबे अनुभव का भंडार है। सरकार का उद्देश्य इस ज्ञान को सम्मान के साथ संरक्षित करना और वैज्ञानिक तरीके से दस्तावेजीकृत करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
इस काम के लिए जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्था (TRI), भोपाल को जिम्मेदारी दी गई है। संस्था पारंपरिक ज्ञानधारकों तक पहुंच बनाकर उनके अनुभवों को रिकॉर्ड करने की दिशा में काम करेगी। इनमें वनवासी वैद्य, तड़वी, भुमका, बरवा, ओझा और गुनिया जैसे पारंपरिक ज्ञानधारक शामिल हैं। हालांकि, पारंपरिक उपचार संबंधी जानकारी का दस्तावेजीकरण और उसका वैज्ञानिक प्रमाणीकरण अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसे आधुनिक चिकित्सा का विकल्प मानने के बजाय पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
यह पहल केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के बीच हुए MoU के तहत National Program on Capacity Building of Tribal Healers चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य देशभर में करीब 5,000 प्रशिक्षित Tribal Healers को Master Trainers के रूप में तैयार करना है। इन प्रशिक्षित लोगों से उम्मीद है कि वे अपने समुदाय में पारंपरिक ज्ञान को व्यवस्थित तरीके से आगे पहुंचाने में मदद करेंगे।
मध्य प्रदेश में इंदौर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम, रीवा, ग्वालियर-चंबल, भोपाल और उज्जैन संभाग के 34 जिलों से करीब 640 Tribal Healers को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। जून 2026 के अंत तक 101 नाम केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय को भेजे जा चुके थे और चयन प्रक्रिया जारी है।
जिला स्तर पर ऐसे जनजातीय वैद्यों के नाम मांगे जा रहे हैं जिनका अपने समुदाय में अनुभव और प्रभाव हो तथा वे दूसरों को प्रशिक्षण देने में सक्षम हों। चयन में जड़ी-बूटी चिकित्सा, अस्थि चिकित्सा, मिडवाइफरी और सर्पदंश उपचार जैसी पारंपरिक विधाओं के जानकारों को शामिल करने की बात कही गई है।
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