
मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक और पहचान मिली है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के 69वें राष्ट्रीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन में ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस – आउटस्टैंडिंग टूरिज्म स्टेट ऑफ इंडिया’ से सम्मानित किया गया है। कोलकाता में 25 से 27 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में एमपी टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय बेड़ेकर ने यह सम्मान ग्रहण किया।
यह पुरस्कार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने, नए पर्यटन स्थलों की पहचान और प्रचार करने के साथ ही मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के प्रयासों को मिली मान्यता है। खास बात यह है कि यह उपलब्धि TAAI के 75वें स्थापना वर्ष के समारोह के दौरान हासिल हुई है।
सचिव पर्यटन एवं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी ने इस सम्मान को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक विविधता इसे देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए चल रहे कार्यों को नई ऊर्जा देगा। साथ ही, पर्यटन उद्योग से जुड़े सहयोगियों के साथ बेहतर समन्वय और साझेदारी को भी बढ़ावा मिलेगा। एमपी टूरिज्म का प्रयास है कि प्रदेश आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले और पर्यटन की नई संभावनाओं को योजनाओं से आगे बढ़ाकर जमीन पर उतारा जा सके।
TAAI के राष्ट्रीय कन्वेंशन में मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य की विविध पर्यटन संपदा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। इसमें प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों, वन्यजीव अभयारण्यों और प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों के साथ फिल्म पर्यटन की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन को और विस्तार देने के लिए प्रमुख गंतव्यों तक पहुंच आसान बनाना जरूरी है। इस दिशा में हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार और ट्रेवल ट्रेड से जुड़े भागीदारों के साथ लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को देश के अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाना और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन में ‘मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति-2025’ के तहत प्रदेश के खूबसूरत स्थलों और फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल को भी सामने रखा गया। राज्य में मौजूद प्राकृतिक नजारे, ऐतिहासिक इमारतें और विविध लोकेशन फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं। फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया गया। इस पहल के जरिए मध्यप्रदेश को फिल्म शूटिंग के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने और पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश की पर्यटन योजनाओं में उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ-2028 भी प्रमुखता से शामिल रहा। सम्मेलन के दौरान इस आयोजन को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर आतिथ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास की योजनाएं साझा की गईं।
सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाना अहम है। इसके साथ ही विमानन क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी की गईं। इनमें मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आवागमन को अधिक सुगम बनाने और हवाई संपर्क मजबूत करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
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