
भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन निवेश को बढ़ावा देने, कारोबार की प्रक्रियाओं को आसान बनाने और स्थानीय उद्यमियों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में सरकार नई रणनीति पर काम कर रही है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सचिव और प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य में पर्यटन क्षेत्र के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2028 के लिए एक सशक्त पर्यटन रोडमैप तैयार करने की योजना है, ताकि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सके।
यह बात मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) 2026 के तीसरे दिन सामने आई। आयोजन के दौरान बीटूबी मीटिंग्स के बाद पुरस्कार वितरण समारोह हुआ, जिसमें पर्यटन, स्टॉल डिजाइन, पर्यावरण-अनुकूल पहल और कला-शिल्प के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया।
सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, नवाचार और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य का लक्ष्य पर्यटन क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जहां निवेशकों को कारोबार शुरू करने और संचालित करने में कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 के लिए तैयार किया जाने वाला पर्यटन रोडमैप निवेश के नए अवसरों, आसान व्यावसायिक प्रक्रियाओं और पर्यटकों को अलग-अलग तरह के अनुभव उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा। इससे मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा।
डॉ. इलैयाराजा ने बताया कि पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार तीन प्रमुख बिंदुओं यानी ‘3Gs’ पर काम कर रही है। इनमें गाइड (Guides), गाइडलाइंस (Guidelines) और गियर (Gear) शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और निवेशकों के लिए अनुकूल नीतिगत माहौल तैयार करना है। पर्यटन नीति के तहत केवल बड़े निवेशकों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमियों, ग्रामीण समुदायों और होमस्टे संचालकों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएंगे।
इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पर्यटन गतिविधियों का लाभ प्रदेश के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच सकेगा। ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक अनुभवों को बढ़ावा मिलने से छोटे कारोबारियों और समुदायों की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 के तीसरे दिन बीटूबी मीटिंग्स के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में अलग-अलग श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस आयोजन का मकसद पर्यटन क्षेत्र में रचनात्मकता, नवाचार और पर्यावरण के अनुकूल पहलों को प्रोत्साहित करना था। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की पर्यटन विरासत, कला और शिल्प को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मान दिया गया।
समारोह में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर मौजूद रहे। इनके अलावा ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर, प्रदर्शक और होटल व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई। इसके बाद आयोजन समिति के 36 सदस्यों और 52 प्रायोजकों को सम्मानित किया गया। फिर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
टूरिज्म विलेज धोबा को बैगा जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान, लोककलाओं और ग्रामीण जीवन को करीब से दिखाने वाली प्रस्तुति के लिए पहला पुरस्कार मिला। यहां पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहने और जनजातीय परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। प्रकृति से जुड़ा यह अनुभव ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में खास है।
वीवर्स पैराडाइज को बुनकरों और हथकरघा परंपरा को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने के लिए दूसरा पुरस्कार दिया गया। इसकी प्रस्तुति ने पारंपरिक बुनाई और स्थानीय हस्तकला की अहमियत को सामने रखा।
बैम्बू राज को बांस से बने पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की प्रस्तुति के लिए पहला पुरस्कार मिला। इसके उत्पादों में उपयोगिता और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
जिप्सी एडवेंचर्स को जंगल के आसपास कैंपिंग, साइकिलिंग अभियान, ट्रेकिंग और तारों को देखने जैसे प्रकृति आधारित रोमांचक अनुभवों को प्रदर्शित करने के लिए दूसरा पुरस्कार मिला।
कुनो रिसॉर्ट को कुनो क्षेत्र की वन्यजीव संपदा और प्राकृतिक परिवेश को पर्यटन अनुभवों से जोड़कर प्रस्तुत करने के लिए पहला पुरस्कार दिया गया। इसकी प्रस्तुति ने वन्यजीव और प्रकृति पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित किया।
यारनगर जंगल रिसॉर्ट को जंगल और प्रकृति पर आधारित पर्यटन अनुभवों की प्रभावी प्रस्तुति के लिए दूसरा स्थान मिला।
एमपी एस्केप्स को मध्यप्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को विशेष रूप से तैयार किए गए यात्रा कार्यक्रमों के माध्यम से पेश करने के लिए सम्मानित किया गया। इसकी प्रस्तुति में प्रदेश के विविध पर्यटन अनुभवों को एक साथ जोड़ने पर जोर रहा।
भोपाल स्थित शंभाला को प्राकृतिक पर्यटन अनुभवों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए दूसरा पुरस्कार मिला। यह स्थल जैविक फार्म, हरियाली के बीच बने आवास, फार्म टूर और प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने जैसे अनुभवों के लिए जाना जाता है।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण-अनुकूल स्टॉल का पहला पुरस्कार वैन वाइब को दिया गया। इसे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील स्टॉल प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया। इस श्रेणी का उद्देश्य पर्यटन आयोजनों में पर्यावरण के अनुकूल सोच और जिम्मेदार तौर-तरीकों को प्रोत्साहित करना था।
मध्यप्रदेश की सर्वश्रेष्ठ विषयगत प्रस्तुति की श्रेणी में एमपी टूर्स और ट्रैवलिशियस एमपी को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार दिया गया। दोनों संस्थाओं को प्रदेश की पर्यटन पहचान को विषयगत तरीके से प्रस्तुत करने के लिए सम्मानित किया गया। एमपी टूर्स वन्यजीव, ऐतिहासिक विरासत, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय खानपान और ग्रामीण अनुभवों को शामिल करते हुए यात्राओं का आयोजन करती है। इस तरह की प्रस्तुतियां पर्यटकों को मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और उनकी विशेषताओं से परिचित कराने में अहम भूमिका निभाती हैं।
सर्वश्रेष्ठ कला एवं शिल्प प्रदर्शनी की श्रेणी में जरी-जरदोजी के लिए ताजवर खान को पहला पुरस्कार दिया गया। मध्यप्रदेश की पारंपरिक कढ़ाई कला, बारीक हस्तकारीगरी और धात्विक धागों से तैयार अलंकरण इस शिल्प की खास पहचान हैं। उनकी प्रस्तुति के जरिए प्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को सामने रखा गया।
वुड क्राफ्ट श्रेणी में रीना भूरिया को दूसरा पुरस्कार मिला। उन्हें लकड़ी पर आधारित हस्तशिल्प और कलात्मक कारीगरी के प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का पुरस्कार समारोह प्रदेश के पर्यटन उद्यमियों, स्थानीय कारोबारियों और कारीगरों की रचनात्मकता और प्रतिबद्धता को सम्मान देने का अवसर बना। जनजातीय संस्कृति, वन्यजीव पर्यटन, हस्तशिल्प, ग्रामीण जीवन और पर्यावरण-अनुकूल पहलों से जुड़ी प्रस्तुतियों ने राज्य की विविधता और समृद्ध विरासत को सामने रखा।
वहीं, पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, कारोबार की प्रक्रियाओं को सरल बनाने और स्थानीय समुदायों को इस अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर दिया गया जोर आने वाले वर्षों की रणनीति का संकेत है। वर्ष 2028 के लिए प्रस्तावित पर्यटन रोडमैप के जरिए मध्यप्रदेश का लक्ष्य नए व्यावसायिक अवसर पैदा करने के साथ-साथ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता को भी आगे लाना है।
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