
भोपाल। मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में देश-विदेश से आए मेहमानों को प्रदेश की पर्यटन विरासत के साथ यहां के पारंपरिक खान-पान का स्वाद चखने का भी मौका मिला। अंतरराष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स, टूर ऑपरेटर्स, हॉस्पिटेलिटी से जुड़े प्रतिनिधियों और अन्य डेलीगेट्स के लिए तैयार किए गए भोजन में मध्यप्रदेश के अलग-अलग अंचलों के खास व्यंजन शामिल रहे। देसी मसालों की खुशबू, घर में बनने वाले पारंपरिक पकवान और स्थानीय अनाज से तैयार व्यंजनों ने मेहमानों के भोजन अनुभव को खास बना दिया। ट्रैवल मार्ट में खाने की व्यवस्था सिर्फ भोजन तक सीमित नहीं रही। इसके जरिए मेहमानों को मध्यप्रदेश की स्थानीय खाद्य संस्कृति और अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक स्वादों से भी परिचित कराया गया।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में ‘मां की रसोई’ नाम का लाइव फूड काउंटर मेहमानों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहा। यहां प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बनने वाले पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। इन पकवानों में घर के खाने जैसा स्वाद था, जिसने मेहमानों को मध्यप्रदेश की ग्रामीण और घरेलू रसोई से परिचित कराया।
मिलेट ब्रेड, घर में तैयार की गई चटनियां, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, निघौना और उड़द की दाल जैसे व्यंजनों ने भोजन की थाली में विविधता बढ़ाई। इन पकवानों के जरिए प्रदेश की पारंपरिक पाक कला और स्थानीय खान-पान की झलक देखने को मिली। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए मेहमानों के लिए यह मध्यप्रदेश के क्षेत्रीय स्वादों को करीब से जानने का अवसर भी रहा।
‘मां की रसोई’ में परोसे गए व्यंजनों में स्थानीय अनाज और पारंपरिक पकाने की विधियों पर खास ध्यान दिया गया। कोदो मेथी भात ने मेहमानों को मध्यप्रदेश में प्रचलित पारंपरिक अनाज और उनसे जुड़े खान-पान की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया। वहीं, मट्ठे के आलू और चक्की के साग में देसी मसालों का संतुलित इस्तेमाल और पारंपरिक तरीके से खाना तैयार करने की झलक देखने को मिली। घर में बनाई जाने वाली चटनियों ने इन व्यंजनों का स्वाद और बढ़ा दिया। मिलेट से तैयार ब्रेड भी खास रही। इसमें पारंपरिक अनाज को एक अलग और आधुनिक अंदाज में पेश किया गया। इस तरह भोजन में स्थानीय सामग्री और पारंपरिक स्वाद के साथ नई प्रस्तुति का मेल देखने को मिला।
मध्यप्रदेश के खान-पान की बात हो और दाल-बाफला का जिक्र न हो, ऐसा कम ही होता है। ट्रैवल मार्ट में मेहमानों को दाल-बाफला के साथ भटे का भरता और चूरमा के लड्डू भी परोसे गए। मालवा की पारंपरिक खाद्य संस्कृति से जुड़े इन व्यंजनों ने मेहमानों को प्रदेश के खास क्षेत्रीय स्वाद का अनुभव कराया। दाल-बाफला की पारंपरिक पहचान, भटे के भरते का देसी स्वाद और चूरमा के लड्डुओं की मिठास ने भोजन को और खास बना दिया। इन पकवानों के जरिए मध्यप्रदेश के खान-पान की विविधता को सामने रखा गया।
ट्रैवल मार्ट में भोजन के साथ मिठाइयों की भी खास व्यवस्था की गई। बुरहानपुर की मशहूर मावा जलेबी के अलावा रबड़ी, मावा बाटी और दूध का हलवा जैसे पारंपरिक मिष्ठान मेहमानों को परोसे गए। इनमें बुरहानपुर की मावा जलेबी विशेष आकर्षण रही। अपने अलग स्वाद और स्थानीय पहचान के लिए जानी जाने वाली इस मिठाई ने मेहमानों को मध्यप्रदेश की मिठास भरी खाद्य विरासत से परिचित कराया। वहीं रबड़ी, मावा बाटी और दूध के हलवे ने पारंपरिक मिठाइयों की विविधता को भोजन का हिस्सा बनाया। इस तरह मीठे पकवानों ने मेहमानों के भोजन अनुभव को एक अलग रंग दिया और प्रदेश के स्थानीय स्वादों की यादगार झलक पेश की।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में जहां एक ओर पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी गई, वहीं दूसरी ओर आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय खान-पान को भी जगह मिली। मेहमानों के लिए लाइव पास्ता काउंटर, कई तरह के सलाद और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों की व्यवस्था की गई।
इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों और क्षेत्रों से आए मेहमानों की स्वाद संबंधी पसंद का ध्यान रखना था। पारंपरिक भारतीय भोजन से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों तक, खाने की इस श्रृंखला में विविधता देखने को मिली। मध्यप्रदेश की पर्यटन विरासत के साथ स्थानीय खान-पान का अनुभव
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में भोजन के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक और क्षेत्रीय विविधता को भी सामने लाया गया। ‘मां की रसोई’ से लेकर मालवा के दाल-बाफला और बुरहानपुर की मावा जलेबी तक, मेहमानों को अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक स्वाद चखने का मौका मिला।
स्थानीय अनाज, देसी मसालों, घर में तैयार चटनियों और पारंपरिक मिठाइयों ने प्रदेश की खाद्य विरासत की झलक पेश की। साथ ही, लाइव पास्ता काउंटर और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों ने भोजन के अनुभव को व्यापक बनाया। इस तरह ट्रैवल मार्ट में मध्यप्रदेश की पर्यटन पहचान के साथ उसकी समृद्ध खान-पान परंपरा भी मेहमानों के सामने आई।
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