बालाघाट ने 60 लाख क्विंटल धान उपार्जन के साथ MP में पहला स्थान हासिल किया। मोहन यादव सरकार अब दूध उत्पादन 50 हजार लीटर रोजाना करने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है।

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले ने खेती-किसानी के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। धान की बंपर उपज से लेकर मछली पालन और दुग्ध उत्पादन तक, यहां के किसान कमाई के नए रास्ते तलाश रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बलराम कृषि महोत्सव में बालाघाट के किसानों की तारीफ करते हुए बताया कि इस साल जिले से 60 लाख क्विंटल धान का उपार्जन हुआ है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।

बालाघाट बना प्रदेश में धान खरीदी में नंबर-1

मुख्यमंत्री ने बालाघाट को मध्य प्रदेश का 'धान का कटोरा' बताते हुए कहा कि जिले का चिन्नौर चावल देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है। इस साल 60 लाख क्विंटल धान का उपार्जन कर बालाघाट प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। धान के अलावा कोदो और दूसरे श्रीअन्न के उत्पादन में भी जिले के किसान आगे बढ़ रहे हैं।

यह भी पढ़ें; UP Weather Update: नवंबर में बदलेगा मौसम! कहीं बारिश तो कहीं कोहरा, IMD का नया पूर्वानुमान

किसानों के लिए 4 नवंबर तक खुला पंजीयन पोर्टल

मुख्यमंत्री ने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन कराया जा रहा है। जिन किसानों का पंजीयन किसी कारण से छूट गया है, उनके लिए पोर्टल 4 नवंबर तक खुला रहेगा। सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है।

दूध उत्पादन 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार लीटर करने का लक्ष्य

बालाघाट में बंद पड़ी 36 दुग्ध समितियों को दोबारा शुरू किया जा रहा है। जिले में रोजाना दूध संग्रहण 3,500 लीटर से बढ़कर 10,000 लीटर हो गया है। अब सरकार इसे 50 हजार लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना चाहती है। इसके लिए मिल्क रूट भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि दूरदराज के गांवों के पशुपालकों को बाजार मिल सके।

15 हजार मत्स्य पालकों को मिला किसान क्रेडिट कार्ड

बालाघाट के 15 हजार मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 9 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है। खराड़ी जलाशय में 94 केज कल्चर से 282 मीट्रिक टन मछली उत्पादन हुआ। वहीं, 1.29 लाख से अधिक किसानों को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी गतिविधियों के लिए 876 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है।

किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए नए रास्ते

मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन, उद्यानिकी और निजी जमीन पर बांस-सागौन जैसे पेड़ लगाने की अपील की। कार्यक्रम में ड्रोन दीदी मंजू नगपुरे ने बताया कि इस काम से उन्हें 1.25 लाख रुपये की आय हो रही है। वहीं, मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीणों को आबादी भूमि के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात भी कही।

यह भी पढ़ें: MP में मकान-प्लॉट की रजिस्ट्री का पैसा देगी सरकार! मोहन यादव ने लाखों लोगों को दी बड़ी राहत