मध्य प्रदेश में अब पात्र लोगों को मकान या प्लॉट की पक्की रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क नहीं देना होगा। मोहन यादव सरकार मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत यह खर्च खुद उठाएगी। 1 नवंबर तक 12.87 लाख रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। जानिए किसे मिलेगा फायदा।
मध्य प्रदेश में जिन लोगों के पास अपना मकान या प्लॉट तो है, लेकिन उसकी पक्की रजिस्ट्री नहीं है, उनके लिए बड़ी राहत की खबर है। अब पात्र भू-स्वामियों को अपनी जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए स्टाम्प शुल्क नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ किया है कि इस रजिस्ट्री का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। सरकार का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक दिलाना है।
प्लॉट आपका, रजिस्ट्री का खर्च सरकार उठाएगी
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत उन ग्रामीण भू-स्वामियों को लाभ मिलेगा, जिनके पास प्लॉट या मकान का पट्टा तो है, लेकिन पक्की रजिस्ट्री नहीं है। ऐसे पात्र लोगों की संपत्ति की रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी और इसके लिए लगने वाला स्टाम्प शुल्क सरकार अपने खजाने से भरेगी।
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पक्की रजिस्ट्री से मिलेंगे ये बड़े फायदे
मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, रजिस्ट्री होने से लोगों को संपत्ति पर कानूनी मालिकाना हक मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वे अपनी संपत्ति का क्रय-विक्रय कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उस पर ऋण लेने के लिए भी पात्र हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
12.87 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां पूरी
बैठक में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने बताया कि 1 नवंबर 2026 तक प्रदेश में 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य 15 नवंबर तक यह संख्या 20 लाख तक पहुंचाने का है। इसके लिए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
धनतेरस पर गांवों में जाएंगे मंत्री और विधायक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि 6 नवंबर यानी धनतेरस के दिन सभी मंत्री, सांसद और विधायक अपने पैतृक या पसंद के किसी गांव में पहुंचेंगे। वहां मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत पात्र लोगों की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री अपनी मौजूदगी में पूरी कराने का प्रयास करेंगे। जिला कलेक्टरों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय करने को कहा गया है।
आगे भी जारी रहेगा रजिस्ट्री का अभियान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और सभी पात्र लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने को कहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अभियान आगे लगातार जारी रहेगा और अगले वर्ष इसे ‘युवा वर्ष’ से भी जोड़ा जाएगा। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता और संबंधित पट्टे के दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी होगा।
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