बुरहानपुर के दिव्यांग दयाशंकर को CM मोहन यादव के निर्देश पर ट्राइसाइकिल मिली। पत्नी के वायरल वीडियो के बाद बेटियों की पढ़ाई के लिए भी मदद दी गई।
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर संवेदनशीलता दिखाते हुए जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए त्वरित कदम उठाया है। बुरहानपुर में एक दिव्यांग व्यक्ति को उसकी पत्नी द्वारा कंधे पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद दिव्यांग दयाशंकर को आने-जाने की सुविधा के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, उनकी बेटियों की शिक्षा के लिए भी परिवार को मदद दी गई है।
CM मोहन यादव ने वायरल वीडियो का लिया संज्ञान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति की परेशानी अनसुनी नहीं रहनी चाहिए। हर परिवार को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और इसके लिए शासन-प्रशासन को जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना चाहिए।
दरअसल, मुख्यमंत्री के संज्ञान में एक वीडियो आया था, जिसमें बुरहानपुर निवासी बिंदू बाई अपने दिव्यांग पति दयाशंकर को कंधे पर उठाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंची थीं। पति को इस तरह कंधे पर लेकर कार्यालय पहुंचने का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया।
कलेक्टर बुरहानपुर को दिए थे तत्काल सहायता के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर बुरहानपुर को दयाशंकर और उनके परिवार की जरूरतों के मुताबिक मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की और दिव्यांग दयाशंकर को ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाई। ट्राइसाइकिल मिलने से अब दयाशंकर को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में काफी आसानी होगी। इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पहले के मुकाबले कुछ आसान हो सकेगी।
बेटियों की शिक्षा के लिए भी परिवार को मिली मदद
दयाशंकर की पत्नी बिंदू बाई ने प्रशासन की ओर से मिली सहायता पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बुरहानपुर कलेक्टर का आभार व्यक्त किया। परिवार को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के साथ ही बेटियों की पढ़ाई के लिए भी सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले के जरिए यह संदेश दिया कि जरूरतमंदों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि कोई भी परिवार बुनियादी सुविधाओं और सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।




