
मध्यप्रदेश अब पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, वन्यजीव अभयारण्यों और जनजातीय संस्कृति को पर्यटन के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार की इसी दिशा में की जा रही कोशिशों का असर मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में देखने को मिला। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (MPTM) का सातवां संस्करण प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अहम रहा। तीन दिन तक चले इस आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स और देश के 15 राज्यों से आए 180 से ज्यादा घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने हिस्सा लिया। इनके साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और प्रदर्शकों ने भी भागीदारी की।
आयोजन के दौरान कुल 10,263 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें हुईं। इसके अलावा निजी क्षेत्र से करीब 3,729 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इन प्रस्तावों में लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट और वन्यजीव पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार को उम्मीद है कि इनसे पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसे प्रदेश के पर्यटन उद्योग में निवेशकों की दिलचस्पी के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित परियोजनाओं में लक्जरी होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट और वन्यजीव लॉज विकसित करने की योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही दूरदराज के इलाकों में भी पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचा विकसित करने की योजना है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने और छोटे कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन कारोबार और व्यावसायिक साझेदारी के लिहाज से भी इस बार का ट्रैवल मार्ट अहम रहा। आयोजन में कुल 10,263 B2B बैठकें हुईं, जबकि 2025 के संस्करण में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं। इस तरह बैठकों की संख्या में करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इन बैठकों में स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल संचालकों और ग्रामीण होमस्टे चलाने वालों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला। इससे आने वाले वर्षों में व्यावसायिक समझौते और पर्यटन से जुड़े नए सहयोग विकसित होने की संभावनाएं बनी हैं।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स शामिल हुए। पिछले वर्ष 27 देशों के करीब 90 विदेशी प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस बार सात नए देशों की भागीदारी के साथ अंतरराष्ट्रीय पहुंच का दायरा बढ़ा। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन सहित कई देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की जैव विविधता, ऐतिहासिक स्मारकों और पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी हासिल की। इस भागीदारी से मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में अधिक प्रभावी ढंग से पेश करने का अवसर मिला है।
राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच बढ़ाने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने ट्रैवल मार्ट में भाग लिया। 2025 में यह संख्या 150 थी, यानी इस बार करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटर्स ने प्रदेश के लोकप्रिय और उभरते पर्यटन स्थलों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय कारोबारियों से बातचीत की। इससे मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों को देश के अलग-अलग हिस्सों के यात्रियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
ट्रैवल मार्ट में कुल 177 स्टॉल्स लगाए गए। इनमें मध्यप्रदेश और देश-विदेश के होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल एजेंसियां, साहसिक पर्यटन से जुड़ी संस्थाएं, पारंपरिक शिल्पकार और ग्रामीण होमस्टे संचालक शामिल हुए। इस प्रदर्शनी ने पर्यटन कारोबार से जुड़े अलग-अलग पक्षों को एक मंच पर लाने का काम किया। यहां खरीदारों और सेवा प्रदाताओं को अपने उत्पादों और सेवाओं की जानकारी साझा करने के साथ संभावित व्यावसायिक साझेदारी पर चर्चा करने का अवसर मिला।
ट्रैवल मार्ट में निवेश से जुड़ी बड़ी घोषणाओं में सीहोर जिले के रामगढ़ में प्रस्तावित परियोजना प्रमुख रही। ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने इसके लिए 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश का समझौता ज्ञापन (MoU) किया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किए जाएंगे। परियोजना से 920 से अधिक कुशल और अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक विनोद सिंह राजपुरोहित की ओर से प्रस्तुत योजना के अनुसार बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास आधुनिक वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित किए जाएंगे।
परियोजना में टिकाऊ पर्यटन के मानकों को ध्यान में रखने की बात कही गई है। इसके माध्यम से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इन रिसॉर्ट्स से वन्यजीव क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों के लिए ठहरने की सुविधाओं का विस्तार हो सकता है।
ओरछा की धरोहर से लेकर लक्जरी रिसॉर्ट तक, कई परियोजनाओं पर समझौते मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में पर्यटन के अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश और विकास को लेकर कई समझौते किए गए। ओरछा की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और द्रोणह की शिखा जैन के साथ समझौता हुआ।
वहीं, ग्वालियर स्थित भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) के सहयोग से भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई। टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी समझौता किया गया।
निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना रखी। रेनी ग्रुप ने मांडू की करीब 350 साल पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रुपये की लागत से ‘वेलकमहोटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया। कंपनी की ओर से खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना भी रखी गई। इसके अलावा सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रुपये का अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट विकसित करने सहित कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पेश किए।
ओंकारेश्वर में धार्मिक पर्यटन को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ बनाया जा रहा है। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक जितेंद्र सिंह के मुताबिक, इस परियोजना को वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है, ताकि सिंहस्थ 2028 से पहले यहां पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके अतिरिक्त अन्य स्थानों पर 150 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना भी बताई गई।
वन्यजीव पर्यटन सर्किट में रामको ग्रुप ने 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत रिसॉर्ट विकसित करने में रुचि दिखाई। वराय होटल्स ने उज्जैन में 80 करोड़ रुपये के होटल और इवॉल्व बैक ने मांडू में 50 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर चर्चा की। वहीं, अनाशविश टाइगर कैंप ने ‘द लीला’ के साथ लक्जरी पर्यटन परियोजनाओं को लेकर बातचीत की।
प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) भी दिए गए। ग्वालियर की पालिया कंस्ट्रक्शन के पार्टनर अनूप शर्मा को ओरछा में 50 करोड़ रुपये के निवेश से आधुनिक रिसॉर्ट बनाने के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड सौंपा गया।
इसी तरह वीरेंद्र जादौन और रत्न जादौन को पन्ना जिले के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रुपये की लागत से हेरिटेज होटल विकसित करने के लिए अनुबंध पत्र दिया गया। इस परियोजना का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करते हुए पर्यटकों को पुराने राजसी दौर जैसा अनुभव उपलब्ध कराना है।
विकेंद्रीकृत पर्यटन विकास के तहत ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और इको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए भी लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। इसके अलावा खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्र बनाने को मंजूरी दी गई। इन केंद्रों पर यात्रियों के लिए स्वच्छ शौचालय, खानपान और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों पर डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ समझौता किया गया। इसके तहत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 QR कोड बोर्ड लगाने और AI आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी हासिल करना आसान हो सकेगा।
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्राम स्टे’ के साथ भी समझौता हुआ। इसके माध्यम से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे गांवों में ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों को सीधे पर्यटन से आय अर्जित करने का अवसर देने की कोशिश की जाएगी।
मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हाउस ‘द वायरल फीवर’ (TVF) और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ समझौता किया गया। TVF के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी चर्चित वेब सीरीज की मध्यप्रदेश में हुई शूटिंग का जिक्र करते हुए राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल बताया। इस सहयोग के जरिए फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं को सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन तकनीकों का प्रशिक्षण देने पर भी जोर रहेगा। इस पहल से फिल्म निर्माण से जुड़े कारोबार, स्थानीय प्रतिभाओं और पर्यटन स्थलों को एक साथ आगे बढ़ाने की संभावनाएं हैं।
साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ATOAI) के साथ समझौता किया गया। इस दौरान पद्मश्री अजीत बजाज भी मौजूद रहे। समझौते के तहत साहसिक गतिविधियों के लिए सख्त सुरक्षा मानक, मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) और स्थानीय गाइडों के प्रमाणन पर काम किया जाएगा।
इसके अलावा एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक NATRAX के निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल के साथ मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी समझौता हुआ। इससे मध्यप्रदेश में एडवेंचर और मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े नए पर्यटन अनुभव विकसित करने का रास्ता खुल सकता है।
ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन वन्यजीव पर्यटन पर आयोजित पैनल चर्चा में केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता का आकलन प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कूनो में चीता संरक्षण के साथ चंबल में डॉल्फिन और गिद्धों के संरक्षण तथा अनूठे प्राकृतिक अनुभवों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।
मध्यप्रदेश के पर्यटन सचिव और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने भी संरक्षण आधारित और टिकाऊ पर्यटन मॉडल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत में जन्मी चीता के पांच शावकों के जन्म और रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया।
चर्चा में विशेषज्ञों ने स्थानीय आतिथ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गाइडों को इस तरह प्रशिक्षित करने पर जोर दिया कि वे पर्यटकों को किसी स्थान के इतिहास, प्रकृति और संस्कृति की रोचक जानकारी दे सकें।
ट्रैवल मार्ट में ‘MICE एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ पर आयोजित राउंडटेबल में देश के सम्मेलन और व्यावसायिक आयोजनों के बाजार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। MICE का अर्थ मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस और एग्जिबिशन से है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव और ICPB के चेयरमैन हरिकिशोर एस. ने बताया कि देश का MICE बाजार लगभग 37,576 करोड़ रुपये का हो चुका है। उन्होंने कहा कि टियर-2 शहरों में बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर और भोपाल राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं। इसके लिए सिटी MICE प्रमोशन ब्यूरो गठित करने का सुझाव भी दिया गया।
वहीं, विजक्राफ्ट के सह-संस्थापक सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बताया। उन्होंने इन स्थानों पर शादी से जुड़े आयोजन, ठहरने, खानपान और स्थानीय अनुभवों को मिलाकर संपूर्ण पैकेज विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। प्रदेश में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए MICE एवं क्रिएटिव इकोनॉमी और एडवेंचर टूरिज्म पर अलग-अलग राउंडटेबल सत्र भी आयोजित किए गए। इन चर्चाओं में पर्यटन नीति, बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा मानकों, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार किया गया। पर्यटन सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में मनाकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को मध्यप्रदेश की यात्रा की योजना बनाने में आसानी हो, इसके लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.mptourism.com का बहुभाषी संस्करण लॉन्च किया गया। इसमें हिंदी और अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पेनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को भी शामिल किया गया है।
इसके साथ ही 360-डिग्री व्यू, वर्चुअल रियलिटी (VR) लिंक और AI स्टोरीटेलिंग की सुविधाओं वाली डिजिटल ‘MP Travel Handbook’ भी शुरू की गई। प्रदर्शनी में AI आधारित इंटरैक्टिव अवतार ‘मोगली’ ने आगंतुकों से संवाद किया और उनकी पसंद के मुताबिक यात्रा कार्यक्रम तैयार करने में मदद की। इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य विदेशी पर्यटकों के लिए प्रदेश के पर्यटन स्थलों की जानकारी को अधिक सुलभ बनाना और यात्रा की योजना तैयार करने की प्रक्रिया को आसान करना है।
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने ट्रैवल मार्ट को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी ध्यान दिया। आयोजन को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने और अधिक से अधिक काम पेपरलेस तरीके से करने की कोशिश की गई। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया और मिट्टी के कुल्हड़ों को बढ़ावा दिया गया।
कार्यक्रम में आए प्रतिनिधियों के लिए भोपाल के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर कई गतिविधियां आयोजित की गईं। कुल 149 प्रतिनिधियों ने कमला पार्क में हेरिटेज वॉक में हिस्सा लिया, जबकि 120 अतिथियों ने बड़े तालाब में शिकारा बोट राइड का आनंद लिया। वन विहार में 70 प्रतिनिधियों ने बर्ड वॉक में भाग लिया। योग सत्र और हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के जरिए प्रतिनिधियों को केवल पर्यटन कारोबार की संभावनाओं से परिचित कराने के बजाय भोपाल की संस्कृति, प्रकृति और स्थानीय अनुभवों से भी जोड़ने का प्रयास किया गया।
ट्रैवल मार्ट में शामिल देशी और विदेशी मेहमानों के लिए मध्यप्रदेश के पारंपरिक खानपान की भी खास व्यवस्था की गई। ‘मां की रसोई’ में अतिथियों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा का प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे व्यंजनों का स्वाद लिया।
सांस्कृतिक संध्या में मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों ने ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ नाम की नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति में भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती के जरिए प्रदेश की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया। कार्यक्रम में सिंहस्थ कुंभ 2028 के आध्यात्मिक वैभव की झलक भी दिखाई गई।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों और स्थानीय होमस्टे संचालकों ने आयोजन को पर्यटन कारोबार के लिए उपयोगी मंच बताया। केन्या की कंपनी R12 Africa के निदेशक रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के नवनीत मित्तल ने कहा कि इस आयोजन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क बढ़ाने और पर्यटन कारोबार के नए अवसर तलाशने में मदद मिली।
वहीं, इंदौर के कालाकुंड से सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से कपिल गुप्ता और डिंडौरी में जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उनका कहना था कि ट्रैवल मार्ट ने स्थानीय आतिथ्य सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर दिया। इससे ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में वन्यजीव एवं सतत पर्यटन, साहसिक पर्यटन, MICE और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इन सत्रों में पर्यटन नीति, अधोसंरचना, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सरकारी तथा निजी क्षेत्र की साझेदारी पर विचार-विमर्श किया गया।
डिजिटल पर्यटन टूल्स के इस्तेमाल, परिचयात्मक यात्राओं (FAM Tours) और मीडिया व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भागीदारी के जरिए प्रदेश के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर जोर दिया गया। सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार के साथ आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट भी इसी प्रयास का हिस्सा रही।
वहीं, इको विलेज और आर्टिजन पवेलियन में ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और टिकाऊ पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। इस तरह आयोजन में निवेश और व्यावसायिक बैठकों के साथ स्थानीय संस्कृति और समुदाय आधारित पर्यटन को भी जगह मिली।
मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों के दौरान 91 सरकारी भूमि खंड और 12 हेरिटेज संपत्तियां लीज पर देकर 3,963 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया। इससे प्रदेश में 9,608 नए होटल कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार के अवसर पैदा हुए।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में 18 फाइव स्टार होटल संचालित हैं। राज्य में वर्ष 2027 तक 15 और नए फाइव स्टार होटल विकसित करने की योजना है। इससे प्रदेश में उच्चस्तरीय होटल सुविधाओं का विस्तार करने और अलग-अलग श्रेणियों के पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 के अंतिम दिन प्रदर्शनी आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए भी खोल दी गई। इसके जरिए लोगों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन कारोबार से जुड़ी संभावनाओं को करीब से देखने का अवसर मिला। निवेश प्रस्तावों, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी, डिजिटल सुविधाओं और नई पर्यटन परियोजनाओं के साथ ट्रैवल मार्ट का सातवां संस्करण प्रदेश में पर्यटन विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन रहा।
मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।