
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जून को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के कलेक्टरों के साथ बैठक की। बैठक में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा के सफल और व्यवस्थित संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के प्रति सहयोगात्मक और सकारात्मक रवैया अपनाया जाए तथा हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलती है तो प्रशासन तत्काल सही जानकारी लोगों तक पहुंचाए और वस्तुस्थिति स्पष्ट करे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि परीक्षार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 30 जिलों में NEET परीक्षा के लिए कुल 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 57 परीक्षा केंद्र इंदौर जिले में स्थापित किए गए हैं। प्रशासन को परीक्षा के शांतिपूर्ण और पारदर्शी संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियां समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जाएं ताकि दौरा सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस का आयोजन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री अपने संबोधन के दौरान जिले की प्रमुख उपलब्धियों और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री का राज्य स्तरीय संबोधन सभी जिलों में प्रसारित किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर विकास और जनकल्याण योजनाओं से जुड़ी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण तत्काल शुरू किया जाए। इसी आधार पर प्रत्येक जिले की विकास पुस्तिका तैयार की जाएगी, जिससे विकास कार्यों का स्थायी रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा।
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