
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक यात्रा को लेकर एक ब्लॉग लिखा। ब्लॉग में उन्होंने नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर, शासन शैली, जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और भारत की वैश्विक भूमिका का उल्लेख किया।
डॉ. मोहन यादव ने लिखा कि राजनीति में कई ऐसे नेता हुए हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। किसी ने प्रशासनिक क्षमता के जरिए पहचान बनाई तो किसी ने राजनीतिक कौशल से। लेकिन संगठन से निकलकर मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नेता कम ही रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को इसी तरह के उदाहरण के तौर पर पेश किया। मोदी ने अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने ब्लॉग में कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी ने विकास, सुशासन और जनभागीदारी को शासन के केंद्र में रखा। इसके बाद 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार ने आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए।
ब्लॉग में मोदी की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा गया कि वे परिस्थितियों को केवल स्वीकार करने के बजाय उनमें बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। विदेश नीति के संदर्भ में भी डॉ. यादव ने भारत के राष्ट्रीय हितों और रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देने की बात कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25वें वर्ष में प्रवेश का जिक्र करते हुए कहा था कि 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से उनका लगातार प्रयास लोगों के जीवन में सुधार और देश की प्रगति में योगदान देना रहा है।
मोहन यादव ने ब्लॉग में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखने से लेकर पश्चिम एशिया में भारतीय हितों की रक्षा और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल मुद्दों पर संवाद व शांति का पक्ष रखने तक, भारत ने अपनी स्थिति मजबूती से रखी है।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि भारत आज वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभिन्न देशों के साथ प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय बैठकों का असर आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों पर भी दिखाई देता है।
मोहन यादव ने ब्लॉग में BRICS को भी भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका से जोड़ते हुए चर्चा की। 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ। भारत ने 2026 में BRICS की अध्यक्षता की और सम्मेलन की थीम थी— “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability”। नई दिल्ली घोषणा में BRICS देशों ने आपसी सहयोग, बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार और अधिक समावेशी वैश्विक व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।
ब्लॉग में इसे भारत के लिए ऐसा मंच बताया गया है, जहां वह ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को सामने रखने के साथ अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच संवाद की भूमिका निभा सकता है। BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की मानवीय सहायता और संकट के समय भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। ब्लॉग में कहा गया कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने अपने नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान देने के साथ कई देशों को दवाइयां, वैक्सीन और अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई। श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से लेकर तुर्किए तक जरूरत के समय भारत की ओर से सहायता पहुंचाने का जिक्र ब्लॉग में किया गया है।
युद्ध और संकट वाले क्षेत्रों से भारतीय नागरिकों की वापसी को लेकर भी कई अभियानों का उल्लेख किया गया। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को वापस लाने से लेकर दूसरे संकटग्रस्त क्षेत्रों में भारतीयों की सुरक्षित वापसी तक के प्रयासों को ब्लॉग में भारत की नागरिक-केंद्रित नीति से जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मोहन यादव ने उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख से जोड़ा। भारत सरकार के अनुसार, 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे से जुड़े नौ ठिकानों को निशाना बनाया गया था। सरकार ने इसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद की कार्रवाई बताया था। मोहन यादव ने ब्लॉग में लिखा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की नीति में दृढ़ता आई है और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया गया है।
ब्लॉग में प्रधानमंत्री मोदी की राजनीति के एक प्रमुख पक्ष के रूप में गरीब और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच का उल्लेख किया गया। मोहन यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए करोड़ों परिवारों तक अलग-अलग तरह की सहायता पहुंची है। पक्के घर, शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन, बैंक खाते, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्यान्न जैसी बुनियादी जरूरतों को भी जनकल्याण की नीतियों में प्रमुख स्थान मिला।
आयुष्मान भारत को लेकर ब्लॉग में कहा गया कि इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च संभालना आसान हुआ। वहीं, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की बात कही गई।
मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का भी उल्लेख किया। ब्लॉग में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने खुद झाड़ू उठाकर स्वच्छता का संदेश दिया और लोगों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने लिखा कि स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम के बजाय जनभागीदारी से जोड़ने की कोशिश हुई। गांवों और शहरों में इसका असर देखने को मिला। इस संदर्भ में मध्य प्रदेश के इंदौर का उदाहरण भी दिया गया, जो स्वच्छता के मामले में लगातार देश के अग्रणी शहरों में रहा है।
आर्थिक विकास की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने का लक्ष्य रखा। ब्लॉग में भारत के दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ने का उल्लेख किया गया।
Make in India, Atmanirbhar Bharat, Digital India और Startup India जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा गया कि इनसे उत्पादन, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए। रक्षा उत्पादन और निर्यात में बढ़ती क्षमता को भी इसका उदाहरण बताया गया। साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में चंद्रयान-3 की सफलता और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सॉफ्ट लैंडिंग को भारत की वैज्ञानिक क्षमता की उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया।
मोहन यादव ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत की युवा आबादी को देश की बड़ी ताकत मानते हैं। युवाओं को कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के अवसर देने के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। ब्लॉग में मुद्रा योजना का भी जिक्र है। इसके जरिए छोटे कारोबार और उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे युवाओं में केवल नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने की सोच को भी बढ़ावा मिला है।
महिला सशक्तीकरण को लेकर ब्लॉग में उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महिला आरक्षण कानून और लखपति दीदी अभियान का उल्लेख किया गया। उज्ज्वला योजना के जरिए महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत देने की बात कही गई। प्रधानमंत्री आवास योजना को महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी और सम्मान से जोड़ा गया।
वहीं, महिला आरक्षण कानून को राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। लखपति दीदी अभियान के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का भी जिक्र किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारतीय संस्कृति और विरासत से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। ब्लॉग में कहा गया कि आधुनिक विकास के साथ भारत की सांस्कृतिक जड़ों को जोड़ने पर जोर दिया गया। योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयासों का विशेष उल्लेख किया गया। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में संयुक्त राष्ट्र की मान्यता को भी इसी संदर्भ में रखा गया। आज दुनिया के कई हिस्सों में योग को स्वास्थ्य और जीवनशैली से जोड़कर देखा जाता है।
अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक और सांस्कृतिक यात्रा के संदर्भ में शामिल किया। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के फैसले को राष्ट्रीय एकता और अखंडता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया।
प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम मन की बात का उल्लेख करते हुए मोहन यादव ने कहा कि इसके जरिए प्रधानमंत्री ने देश के सामान्य नागरिकों से सीधे संवाद की एक अलग परंपरा विकसित की। ब्लॉग के अनुसार, दूरदराज के गांवों, छोटे शहरों और सामान्य परिवारों से जुड़े लोगों के काम को इस कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। इसे नागरिक भागीदारी और जनसंवाद की सोच से जोड़ा गया।
ब्लॉग के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा, संघर्ष, परिश्रम और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के रूप में पेश किया। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए समाज और राष्ट्र सेवा के संकल्प से शुरू हुई यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री पद से होती हुई प्रधानमंत्री पद तक पहुंची। उनके अनुसार प्रधानमंत्री की सोच में राष्ट्र प्रथम की भावना दिखाई देती है और उनका लक्ष्य भारत को आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र बनाना है।
मोदी के सार्वजनिक जीवन की शुरुआत संगठनात्मक भूमिका से हुई थी और बाद में वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक जीवन-वृत्त के अनुसार, वे अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और 2014 में प्रधानमंत्री बने।
ब्लॉग के अंत में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को लोगों से अपने घरों और प्रतिष्ठानों में एक दीप जलाने की अपील की। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के दीर्घायु, स्वस्थ और यशस्वी जीवन की कामना के साथ-साथ भारत की विकास यात्रा के प्रति विश्वास का प्रतीक बताया।
ब्लॉग में विकसित भारत के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा गया कि देश आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बने तथा 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा हो। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान भी किया। लेख के समापन में सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को व्यक्त करते हुए कहा गया— “जिसने जीवन संवारा, उसको नमन हमारा।”
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