
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 अगस्त को रायसेन में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रायसेन के किसानों की मेहनत अब देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी पहचान बना रही है। जिले के बासमती चावल की मांग दुनिया के 47 देशों में है। पिछले वर्ष रायसेन से करीब 1,800 करोड़ रुपये का बासमती चावल निर्यात किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायसेन की पहचान अब सिर्फ सांची, भीमबेटका और भोजपुर जैसे पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है। दुनिया रायसेन को यहां के बासमती चावल और गेहूं के स्वाद के लिए भी जानने लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के किसान पारंपरिक खेती के साथ अब बड़े स्तर पर फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा और अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन के किसानों की मेहनत ने जिले के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया है। रायसेन के बासमती चावल की मांग 47 देशों में है। पिछले साल करीब 1,800 करोड़ रुपये का बासमती निर्यात हुआ। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलाव का परिणाम है। रायसेन अब अपनी ऐतिहासिक और पर्यटन पहचान के साथ-साथ कृषि उत्पादों के लिए भी देश-दुनिया में जाना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक हर स्तर पर सहयोग दे रही है। उन्होंने किसानों के खेतों को देवस्थल बताते हुए कहा कि किसान की मेहनत से पैदा होने वाला हर दाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसानों को आगे भी जीरो प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण मिलता रहेगा। ऋण चुकाने के लिए किसानों को पूरे एक साल का समय दिया जाएगा। सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों को दूर करने का काम भी किया जा रहा है, जिससे हजारों किसानों को ऋण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गई है। एमएसपी और बोनस के साथ 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा गया है। इसके अलावा मूंग और उड़द का उपार्जन भी जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार नए कदम उठाए जाएं।
डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से भी जोड़ा जा रहा है। इसके लिए फूड पार्क, कोल्ड चेन और कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार कृषि उत्पादों की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर काम कर रही है। तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। फूड पार्क और कोल्ड चेन जैसी व्यवस्थाओं से किसानों को अपनी उपज को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य भी बताया। प्रदेश में दूध उत्पादन की हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही हर जिले में एक आधुनिक मत्स्य हैचरी विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का लाभ रायसेन जिले को मिलेगा। इससे जिले की सिंचाई क्षमता में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को खेती के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. यादव ने किसानों से अपील की कि वे अपनी खेती की जमीन को बेचने से बचें। उन्होंने कहा कि भोपाल के आसपास विकसित हो रही सड़क परियोजनाओं का लाभ आने वाले समय में रायसेन जिले को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में चल रही विभिन्न गतिविधियों और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
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