प्रोजेक्ट चीता को लगा तीसरा झटकाः MP के कूनों में अफ्रीका से लाए चीतों की हुई आपसी लड़ाई, एक मादा चीते की गई जान

Published : May 09, 2023, 05:50 PM IST
cheetah

सार

देश में विलुप्त हुए चीतों को फिर से रिइंट्रोड्यूस करने के लिए अफ्रीका से 20 चीतों को बुलाया गया था। इनको एमपी के कूनों नेशनल पार्क में छोड़ा गया। पर यहां अब तक तीन चीतों की जान चली गई। इस तीसरी मौत से पार्क प्रबंधन पर सवाल खड़े होने लगे है।

श्योपुर (sheopur news). मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में एक नई शुरूआत हुई थी। जहां पीएम मोदी ने देश में विलुप्त हुई चीता प्रजाति को फिर से आबाद करने के लिए चीता रिइंट्रोडक्शन प्रोग्राम चलाया। जहां अफ्रीका के नामीबिया से 20 चीतें बुलवाए गए थे। इनके आने से अंदाजा लगाया गया था कि देश अब इनका कुनबा बढ़ेगा लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को एक बार और झटका लगा है। दरअसल यहां एक मादा चीता की मौत हो गई है। इस मादा चीता को धीरा नाम दिया गया था। सामने आया है कि उसकी मौत लड़ाई के दौरान हुई है। विदेशों से लाए गए चीतों में अब तक तीन की जान जा चुकी है। इसने पार्क अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

आपसी लड़ाई में गई मादा चीता की जान

प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार 9 मई मंगलवार के दिन दक्षिण अफ्रीका से आए चीतों में दो की आपस में लड़ाई हो गई। जिसमें मादा चीता धीरा को अन्य चीते ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था। कूनो पार्क के मॉनिटरिंग दल के द्वारा जंगल में घायल हालत में बरामद किया गया था। जहां उसका इलाज कर बचाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई। पार्क के अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक जानकारी भी दी है। पर बाहर से बसाने के लिए लाए गए चीतों में 3 चीतों की जान जाने के बाद से पार्क प्रशासन पर सवाल भी खड़े होने लगे है।

2 महीनें में 3 चीतों की हुई मौत, बढ़ी अधिकारियों की परेशानी

कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए चीतों में अब तक 3 चीतों की मौत हो गई है। हालांकि इस बार तीसरी मौत किसी बीमारी से नहीं हुई है। बल्कि दो चीतों के बीच हुई लड़ाई के चलते जान गई है। जानकारी हो कि इससे पहले 2 चीतों की बीमारी के चलते हुई थी। सबसे पहले मादा चीता शासा की मौत का कारण किडनी फैल होना था। पोस्टमार्टम में पता चला कि वह पहले से ही बीमारी से ग्रस्त थी। इसके बाद दूसरी मौत उदय नाम के चीते की हुई थी। हालांकि उसके मौत का कारण स्पष्ट नहीं हों पाया था। तीसरी मौत होने के बाद अब चीतों की संख्या 17 ही बची है। हालांकि इस बीच खुशी की बात ये है कि एक मादा चीता सियाया ने 4 शावकों को जन्म दिया है।

इसे भी पढ़े- कूनो नेशनल पार्कः 4 दिनों बाद 12 चीतों ने किया पहला भोजन, अभी एक महीने तक रहेंगे क्वेरेंटाइन बाड़े में

PREV

मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Bhopal Weather Today: मकर संक्रांति पर भोपाल का मौसम कैसा रहेगा? दिखेगा ठंड और धूप का शानदार मेल
MP: स्कूल शिक्षा विभाग के निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, मंत्री उदय प्रताप सिंह ने दिया तकनीकी विंग बनाने का आदेश