Indore Toxic Water Case : भारत में लगातार 8 बार सबसे साफ शहर का अवॉर्ड मिलने के बाद भी इंदौर में लोग जहरीले और गंदा पानी पी रहे थे। जिसके चलते बीते दिनों 16 लोगों की मौत हो गई। अब प्रदेश के कई शहरों में अलर्ट है, उज्जैन से भोपाल तक सफाई जारी है।
देश के सबसे साफ शहर को कुछ जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से बदनाम होना पड़ा है। शर्म की बात है कि क्लीन सिटी इंदौर के भागीरथपुरा में लोगों को नाले का गंदा पानी पिलाया जा रहा था। जिसके चलते 16 लोगों की की मौत हो गई। पूरे देश में थू-थू होने के बाद अब जिम्मेदार लोग जागे हैं और दूसरे शहरो में भी अनाउंसमेंट हो रहा है कि नलों से आने वाले पानी को सीधे उपयोग में न लिया जाए।
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सीधे तौर पर नहीं पिएं नलों का पानी
दरअसल, इंदौर की जल त्रासदी के बाद अब उज्जैन नगर निगम हरकत में आया है और पूरे शहर में ऑटो पर माइक का चुंगा बंधवाकर अनाउंसमेट कराया जा रहा है कि नलों से आने वाले पानी को सीधे उपयोग में न लिया जाए। पीने से पहले पानी को उबालकर या फिर छानकर प्रयोग में लें।
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क्या अब उज्जैन पर खतरा मंडरा?
यह भी अनाउंस किया जा रहा है कि पेयजल की व्यवस्था निगम द्वारा अलग से की जा रही है। इससे लगता है कि अब उज्जैन पर खतरा मंडरा रहा है, यानि अभी तक लोगों को नाले का पानी पिलाया जा रहा था। तभी तो ऐसा अनाउंस कराया जा रहा है।
उज्जैन निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर शहर की पेयजल टंकियों की सफाई की जा रही है। वहीं प्रभारियों द्वारा पेयजल सप्लाई के दौरान फील्ड में निकल कर पानी की जांच करने के साथ शिकायत पर उसका निराकरण और कार्यवाही हो रही है। इसके अलावा पानी साफ करने के लिए दवा का भी वितरण किया जा रहा है
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जहरीले नालों की हो रही पहचान
बता दें कि इंदौर घटना के बाद और निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश के बाद उज्जैन प्रशासन अलर्ट हो चुका है।कर्मचारियों द्वारा टंकी के अंदर उतरते हुए सफाई की गई एवं ब्लीचिंग पाउडर, केमिकल द्वारा प्रेशर के माध्यम से टंकियों की सफाई हो रही है। उन नालों की जांच हो रही है, जहां जहरीला पानी जमा हुआ है।
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