मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4.38 लाख करोड़ रुपये का रोलिंग बजट 2026-27 पेश किया। ‘GYANII’ मॉडल के साथ किसान, युवा, नारी और गरीब कल्याण पर जोर दिया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और ऊर्जा में बड़े प्रावधान किए गए हैं।
भोपाल। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने रोलिंग बजट की अवधारणा को लागू किया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें आगामी वर्षों की कार्ययोजना भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘GYAN’ (गरीब, युवा, नारी, किसान) मंत्र में I for Industrialization और I for Infrastructure जोड़कर ‘GYANII’ की अवधारणा पेश की। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित मध्यप्रदेश 2047 की मजबूत आधारशिला है।
रोलिंग बजट और मजबूत अर्थव्यवस्था का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संतुलित और भविष्य उन्मुख है। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 10.69 प्रतिशत अधिक है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी 9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.45 प्रतिशत है और कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। अधोसंरचना विकास के लिए पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत प्रावधान किया गया है।
आंतरिक सुरक्षा: नक्सलवाद पर पूर्ण विराम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने तय समय से पहले 35 वर्षों से चली आ रही नक्सल समस्या का खात्मा किया है। वर्ष 2025 में 10 नक्सली मारे गए और 13 ने आत्मसमर्पण किया। इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई राह खुली है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार और मेडिकल कॉलेज विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 हो गई है। इंदौर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ है। वर्तमान में एमबीबीएस की 5,550 और पीजी की 2,862 सीटें उपलब्ध हैं। 13 जिलों में जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदला जा रहा है। 46,491 नए पद स्वीकृत हुए हैं और 3,850 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। उज्जैन में ‘मेडिसिटी’ का विकास किया जा रहा है।
किसान कल्याण वर्ष 2026 और कृषि बजट
सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 88,910 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड गेहूं और धान की खरीदी की गई। गेहूं पर 20,213 करोड़ रुपये और 1,360 करोड़ बोनस दिया गया। सोयाबीन उत्पादकों को 1,500 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। कृषि को तकनीक, प्राकृतिक खेती और एग्री टूरिज्म से जोड़कर ‘Agri Value Hub’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
औद्योगिक विकास और 25 नई नीतियां
प्रदेश में 25 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। 48 औद्योगिक पार्क विकसित हो रहे हैं। 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये धरातल पर हैं। एमएसएमई की 23 लाख से अधिक इकाइयाँ कार्यरत हैं, जो 1.25 करोड़ रोजगार दे रही हैं। धार में पीएम मित्र पार्क टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित हो रहा है।
डेयरी, ऊर्जा और सोलर मिशन
दूध संकलन को 52 लाख लीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य है। ‘स्वावलंबी गौशाला नीति-2025’ लागू की गई है। प्रदेश पावर सरप्लस स्टेट बन चुका है। ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर परियोजना और सांची को सोलर सिटी बनाया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय
प्रदेश में 47 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। शासकीय नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। जनजातीय और कमजोर वर्गों के लिए छात्रवृत्ति आय सीमा 8 लाख रुपये की गई है। 94 सांदीपनि और 63 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और सिंहस्थ 2028
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान है। प्रदेश में नए एयरपोर्ट और हाइवे विकसित हो रहे हैं। पर्यटन में 13 करोड़ से अधिक पर्यटक आए। सिंहस्थ 2028 के लिए 13,851 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत हैं।
विकसित मध्यप्रदेश 2047 का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। प्रति व्यक्ति आय 22 लाख रुपये तक ले जाने का विजन रखा गया है। यह बजट गरीब, युवा, नारी और किसान को केंद्र में रखकर सर्वसमावेशी विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है।


