'गजनी औऱ गोरी की याद दिला रहे अखिलेश यादव' भूपेंद्र चौधरी ने बताया क्यों बढ़ा स्वामी प्रसाद मौर्य का कद

Published : Jan 30, 2023, 05:09 PM IST
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सार

रामचरितमानस पर विवादित बयान दिए जाने के कुछ दिन बाद सपा में स्वामी प्रसाद मौर्य का कद बढ़ाए जाने पर बीजेपी हमलावर हो गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा प्रमुख का यह काम मोहम्मद गजनी औऱ मोहम्मद गोरी की याद दिलाता है।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी की ओर से बीते रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की लिस्ट जारी की गई थी। वहीं सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर विवादित बयान के दिए जाने के बाद उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया है। जिसके बाद बीजेपी अखिलेश यादव पर हमलावर हो गई है। बता दें कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने सपा नेता मौर्य का पार्टी में कद बढ़ाए जाने पर कहा कि इस फैसले से यह साबित होता है कि अखिलेश यादव मौर्य के हिंदू आस्था और सनातन संस्कृति पर प्रहार करने वाले बयान का समर्थन करते हैं। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव का यह काम मोहम्मद गजनी औऱ मोहम्मद गोरी की याद दिलाता है।

गोरी औऱ गजनी से की अखिलेश की तुलना

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गजनी और गोरी ने बाहर से आकर हिंदूओं की आस्था और सनातन संस्कृति पर प्रहार किया था। ठीक वैसा ही काम अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव यहां रह कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि गजनी औऱ गोरी आक्रमणकारी थे। उन्होंने कई बार भारत पर हमला कर मंदिरों में तोड़फोड़ कर लूटपाट की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हिंदुओं की आस्था और सनातन संस्कृति का अपमान करने और रामचरितमानस का अपमान किए जाने पर अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बना कर पुरुस्कृत किया है।

मानस पर दिया था विवादित बयान

इस तरह से सपा प्रमुख ने घृणित बयान देने वाले मौर्य को पार्टी का महासचिव बनाकर हिंदुओं के सम्मान, स्वाभिमान और आस्था को ठेस पहुंचाने की मंशा साफ कर दी है। बता दें कि बीते 22 जनवरी को सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस पर विवादित बयान दिया था। मौर्य ने मानस की एक चौपाई का जिक्र कर कहा था कि इसमें महिलाओं और दलितों-पिछड़ों का अपमान किया गया है। उन्होंने मानस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की थी। उनके इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया था।

संत समाज और हिंदू महासभा ने किया था कड़ा विरोध

वहीं संत समाज और हिंदू महासभा ने मौर्य के बयान का विरोध कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की थी। बता दें कि रामचरितमानस विवाद मामले में स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव से उनका रुख साफ किए जाने की बात बोली थी। डिप्टी सीएम मौर्य ने कहा था कि यदि वह इसके खिलाफ हैं तो सपा नेता मौर्य को पार्टी से निकाल दें। स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने पर डिप्टी सीएम ने कहा था कि अखिलेश यादव ने सपा के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने का काम किया है।

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