
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में मंगलवार को खिलाड़ियों के लिए खास दिन रहा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लोकभवन में आयोजित सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए और पदक विजेताओं को बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मेडल के पीछे एक बड़ी कहानी होती है। सिर्फ टैलेंट से जीत नहीं मिलती, बल्कि उसके पीछे संघर्ष, अनुशासन और कभी हार न मानने की ताकत होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि अगर लक्ष्य बड़ा है तो मेहनत भी उतनी ही बड़ी करनी होगी। सीएम योगी ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा, “खेल हमें गिरना, उठना और जीतना सिखाता है। जो गिरने से डर जाएगा, वह कभी जीत तक नहीं पहुंच पाएगा।”
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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि वीरवर लक्ष्मण पुरस्कार और Rani Lakshmibai पुरस्कार की राशि बढ़ाने का समय आ गया है। अभी इन पुरस्कारों के तहत खिलाड़ियों को 3.11 लाख रुपये दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं कि अगले वर्ष से इन पुरस्कारों की राशि बढ़ाकर 10-10 लाख रुपये की जाए। यह पुरस्कार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में नारी शक्ति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि चैत्र और शारदीय नवरात्रि जैसे पर्व इस बात के प्रतीक हैं कि भारतीय समाज नारी शक्ति का सम्मान करता है। सीएम के मुताबिक जो समाज महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देता है, वही समाज लंबे समय तक मजबूत बना रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी में युवा सबसे बड़ी ताकत हैं। राज्य की लगभग 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जो प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को 200 करोड़ रुपये से ज्यादा पुरस्कार और इंसेंटिव दिए हैं। साथ ही कबड्डी, कुश्ती और खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश में नई खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने Khelo India और Fit India Movement जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ी है। प्रदेश सरकार ने भी 2017 के बाद विधायक खेलकूद स्पर्धा और ग्रामीण खेल लीग जैसी पहल शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब गांवों और पंचायतों में खेल मैदान और ओपन जिम को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा हर विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम बनाने की योजना भी लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक भी अपनी निधि से खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में योगदान दे सकते हैं। इसी के तहत उन्होंने अपनी निधि से Gorakhpur में इनडोर स्टेडियम बनवाया है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि Meerut में बन रहा खेल विश्वविद्यालय लगभग तैयार है और मई-जून में इसका लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में हर मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जाएंगे और उन्हें किसी एक खेल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहन दे रही है। ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से:
इसके अलावा एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप के विजेताओं को भी पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने बताया कि अब तक 500 से ज्यादा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में नियुक्ति पत्र भी दिए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में खेलों को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। कई जगहों पर खेल मैदानों पर कब्जे हो गए थे और खिलाड़ियों को सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल पाता था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। सरकार खेल बजट बढ़ाने के साथ-साथ खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षण सुविधाओं को भी मजबूत कर रही है।
इस सम्मान समारोह में खेल मंत्री Giriraj Singh Yadav, महापौर Sushma Kharkwal समेत कई विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
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