
गोरखपुर। भीषण गर्मी के बीच जब हजारों महिलाएं एक छत के नीचे जुटीं, तो मंच से उठी आवाज सिर्फ एक राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि एक बड़े सियासी विमर्श का संकेत बन गई। योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी का इतिहास महिलाओं के प्रति सकारात्मक नहीं रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल महिलाओं को नेतृत्व में भागीदारी देने के पक्ष में नहीं हैं और हमेशा उनके अधिकारों में बाधा डालते रहे हैं। सीएम योगी ने सपा पर तंज कसते हुए कहा—“देख सपाई, बिटिया घबराई”, जो उनके भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा रहा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देना है। उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में सीधी भागीदारी का अवसर मिलेगा, लेकिन विपक्षी दल इस पहल का विरोध कर रहे हैं।
सीएम योगी ने अपने भाषण में सरकार के कामकाज को आंकड़ों के जरिए पेश किया:
उन्होंने कहा कि पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं की भागीदारी 50% तक पहुंच चुकी है, जो सशक्तिकरण का संकेत है।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी को लोकतांत्रिक बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब अपने अधिकार “मांग” नहीं रहीं, बल्कि उन्हें “लेने” के लिए तैयार हैं। सीएम योगी ने कहा कि मजबूत राष्ट्र के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है, “जब परिवार मजबूत होगा, समाज मजबूत होगा और तभी राष्ट्र भी समृद्ध बनेगा।”
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए कहा कि यहां मातृशक्ति को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। राम, कृष्ण, अर्जुन जैसे उदाहरणों के जरिए उन्होंने बताया कि भारतीय परंपरा में महिलाओं का सम्मान मूल विचारधारा का हिस्सा रहा है।
सीएम योगी ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया:
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में “नारी शक्ति” निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी महिलाओं में बदलाव की इच्छा स्पष्ट दिख रही है। गोरखपुर का यह सम्मेलन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया है।
योगी आदित्यनाथ के भाषण ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में “नारी शक्ति” सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति के रूप में भी केंद्र में रहने वाली है।
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